
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतना के प्रयास से केंद्रीय जेल सतना में बंद एक व्यक्ति को छह हजार रुपये का अर्थदंड जमा होने के बाद रिहा कर दिया गया। बंदी की मूल सजा 4 सितंबर 2026 को पूरी हो चुकी थी, लेकिन अर्थदंड की राशि जमा नहीं होने के कारण वह जेल में सजा भुगत रहा था।
बंदी राजकुमार, पिता हरछठी कोल, निवासी गोहारी, थाना रामपुर बघेलान, जिला सतना को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, रामपुर बघेलान द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 58/2020 में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 324 के तहत दोषी ठहराया गया था।
न्यायालय ने 22 जुलाई 2026 को उसे अलग-अलग धाराओं में एक वर्ष और छह माह के सश्रम कारावास के साथ क्रमशः पांच हजार और एक हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने की सजा सुनाई थी। बंदी की मूल सजा 4 सितंबर 2026 को पूरी हो गई थी, लेकिन कुल छह हजार रुपये का अर्थदंड जमा नहीं होने के कारण वह जेल में बंद था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतना के प्रयास से राइजिंग विद्या वेलफेयर सोसायटी सतना की अध्यक्ष प्रीति सिंह परिहार ने बंदी की ओर से छह हजार रुपये का अर्थदंड जमा कराया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद बंदी को जेल से रिहा कर दिया गया।
केंद्रीय जेल अधीक्षक लीना कोठा, जेल उप अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, सहायक जेल अधीक्षक अभिमन्यु कुमार तिवारी, जेल चिकित्सक डॉ. अनिल प्रताप सिंह तथा राइजिंग विद्या वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष प्रीति सिंह परिहार एवं सदस्य आकांक्षा सिंह सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहा।
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