
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम कटहा गाल, तहसील अमरपाटन का निवासी युवक अनंतरात पिता शिवनंदन पटेल ने आत्महत्या करने के पीछे कारणों का सोशल मीडिया में वीडियो बनाकर सड़क किनारे लगे कदंब के पेड़ में फांसी में झूलते हुए मौत को गले लगा लिया। युवक ने करीब तीन पन्ने से अधिक का लिखित सोसाइड नोट भी छोड़ गया। जिसमें उसने किसी रामगोपाल कोल व उसके परिवार समेत कुछ पुलिस कर्मियों पर भी प्रताडि़त करने व उससे करीब पांच लाख रुपये से ज्यादा जबरियन पैसे वसूलने के आरोप लगाया है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों ने शव ले जाने से रोक दिया। जिसके बाद सूचना पर पूर्व राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल, एडीशनल एसपी चंचल नागर, एसडीओपी ख्याति मिश्रा व अमरपाटन थाना पुलिस बल के साथ पहुंचे। जहां पूर्व राज्यमंत्री व एडिशनल एसपी द्वारा दी गई ग्रामीणों को समझाईश दी गई। तब जाकर ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया।
सुसाइड नोट मुताबिक बीते लम्बे समय से रामगोपाल कोल उसकी बेटी रेशमा कोल, बहन सुधा कोल समेत परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा उसे लगातार मानसिक, आर्थिक व सामाजिक दबाव बनाते हुए प्रताडि़त कर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये से ज्यादा की रकम ऐठीं और लगातार पैसों की मांग करते जा रहे थे। जिसके बाद युवक अपने मरने की वजह सोशल मीडिया में वायरल करने के बाद फांसी में झूल गया।
'मैं अन्तराम पटेल, पिता शिवनंदन पटेल, पूरे होश-हवास में यह लिख रहा हूं। मैं ग्राम कटहा गाल, तहसील अमरपाटन क्षेत्र का निवासी हूं। पिछले काफी समय से रामगोपाल कोल, उसकी बेटी रेशमा कोल, उसकी बहन सुधा कोल तथा परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा मुझे लगातार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इन लोगों ने मुझसे झूठे आरोपों और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर लगातार पैसों की मांग की। अब तक मैं डर और बदनामी के भय से उन्हें लगभग 5,00,000 (पांच लाख रुपये) नकद व ऑनलाइन माध्यम से दे चुका हूं। रेशमा कोल ने मुझसे फोन-पे के माध्यम से 11,000, 15,000 व एक मोबाइल फोन (13,000) लिया। सुधा कोल ने 15,000 फोन-पे से और 50,000 नकद लिए।
रामगोपाल कोल व उसके भाई हिमांशु कोल ने भी मुझसे नकद व आनलाइन पैसे लिए और लगातार और रकम की मांग करते रहे। इन लोगों ने मुझे धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं दिए तो मेरे खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा देंगे, मेरी गिरफ्तारी करवा देंगे और मुझे जेल भिजवा देंगे। कई बार पुलिस को लेकर मेरे घर आए, जबकि मैं उस समय घर पर मौजूद नहीं था। सबसे गंभीर बात यह है कि अमरपाटन थाने के कुछ पुलिसकर्मी भी इस दबाव में शामिल हैं। पुलिसकर्मियों ने मुझसे केस से बचाने के नाम पर 1,00,000 (एक लाख रुपये) और बाद में 2,00,000 (दो लाख रुपये) की मांग की।
डर के कारण मैंने उन्हें भी पैसे दिए। इसके बावजूद मुझ पर लगातार और रकम देने का दबाव बनाया जा रहा है। मुझसे कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए तो मुझे झूठे मुकदमे में फंसाकर दो साल की जेल भिजवा दिया जाएगा। पुलिस, रामगोपाल कोल और उसका पूरा परिवार मिलकर मुझसे अब तक लगभग 6,00,000 (छह लाख रुपये) ले चुके हैं। मैंने कई बार शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन मेरी कहीं सुनवाई नहीं हुई। मुझे बार-बार कहा गया कि 'लडक़ी का मामला है, वह कुछ भी कर सकती है।' अब मेरे पास न पैसा बचा है, न कोई रास्ता।
लगातार मानसिक प्रताडऩा, धमकी और पुलिस दबाव के कारण मैं पूरी तरह टूट चुका हूं। मेरे पास अब जीने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया है। मेरी सरकार और प्रशासन से अंतिम विनती है कि मेरे परिवार को न्याय दिया जाए और रामगोपाल कोल, उसका पूरा परिवार तथा इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। मेरी मौत के लिए रामगोपाल कोल, रेशमा कोल, सुधा कोल, उनके परिवार के सदस्य और संबंधित पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे।'
युवक ने वीडियो सोशल मीडिया में पोस्टकर फांसी लगाई है, साथ ही सुसाइड नोट भी छोड़ गया। उसके आधार पैसें के लेन-देन की जांच के लिए बैंक को पत्र लिख दिया गया है। दो दिन के अंदर ही इस जांच पूरी कर ली जाएंगी। - अवधेश प्रताप सिंह पुलिस अधीक्षक मैहर।