
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। मझगवां के जिस कक्षा में बच्चों को अनुशासन, जिम्मेदारी और संस्कारों का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। शासकीय माध्यमिक शाला रानीपुर में अध्यापन के दौरान एक शिक्षक टेबल पर पैर पसारकर मोबाइल देखते नजर आए।
बताया जा रहा है कि यह तस्वीर विद्यालय में कक्षा संचालन के दौरान की है। तस्वीर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। शिक्षक की इस तरह की मुद्रा और मोबाइल में व्यस्तता को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शिक्षक ही कक्षा में इस तरह समय बिताएंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी।
सरकारी विद्यालयों में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे पढ़ते हैं, जिनके लिए स्कूल ही सीखने और आगे बढ़ने का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में कक्षा के दौरान शिक्षक की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है। शिक्षक का व्यवहार न केवल बच्चों की पढ़ाई बल्कि उनके अनुशासन और सीखने की प्रवृत्ति को भी प्रभावित करता है।
वायरल तस्वीर के आधार पर शिक्षक के विरुद्ध किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि तस्वीर किस समय की है और उस दौरान शिक्षक मोबाइल का उपयोग किस उद्देश्य से कर रहे थे। इसकी वास्तविकता शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
मामले ने विद्यालयों के निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि कक्षा में अध्यापन के दौरान इस तरह की स्थिति बन रही है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? शिक्षा विभाग को मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि शिक्षक की लापरवाही प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई भी अपेक्षित है।