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भोपाल से सतना की दूरी 104 किमी घटाने की तैयारी, कई शहरों से गुजरेगा 850 करोड़ से बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे

अभी परियोजना सर्वे और डीपीआर के स्तर पर है। अंतिम मार्ग, भूमि अधिग्रहण और निर्माण की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक...और पढ़ें

By Mayank MishraEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 08:55:21 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 08:55:21 PM (IST)
भोपाल से सतना की दूरी 104 किमी घटाने की तैयारी, कई शहरों से गुजरेगा 850 करोड़ से बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे
वर्तमान मार्ग में भोपाल से जबलपुर होकर सतना पहुंचने की दूरी करीब 513 किलोमीटर बताई जाती है। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. यात्रियों का कम दूरी में सफर पूरा
  2. भोपाल से जबलपुर होकर सतना जाते हैं
  3. दमोह और पवई क्षेत्र से मिलेगा संपर्क

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को नई दिशा देने वाली प्रस्तावित सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना से भोपाल और सतना के बीच सफर आसान होने की उम्मीद है।

सागर से सतना की दूरी करीब 73 किलोमीटर कम

करीब 227 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के निर्माण से भोपाल से सतना की सड़क दूरी लगभग 104 किलोमीटर और सागर से सतना की दूरी करीब 73 किलोमीटर कम होने का अनुमान है।

डीपीआर तैयार करने में जुटा है एमपीआरडीसी

करीब 9850 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) सर्वे और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है।

परियोजना के आकार लेने पर सागर, दमोह और पन्ना के पवई क्षेत्र से होते हुए बुंदेलखंड और विंध्य के बीच आवागमन को बेहतर विकल्प मिल सकता है। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी लाभ मिलने की संभावना है।

यात्रियों का कम दूरी में सफर पूरा

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के बनने पर सागर से सतना के बीच वर्तमान में बताई जा रही करीब 302 किलोमीटर की सड़क दूरी घटकर लगभग 229 किलोमीटर रह सकती है। इस तरह दोनों शहरों के बीच करीब 73 किलोमीटर का अंतर कम होने का अनुमान है। इससे यात्रियों को कम दूरी में सफर पूरा करने का विकल्प मिल सकता है।


भोपाल से सतना पहुंचना होगा आसान

वर्तमान मार्ग में भोपाल से जबलपुर होकर सतना पहुंचने की दूरी करीब 513 किलोमीटर बताई जाती है। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के माध्यम से सागर होकर सतना पहुंचने पर यह दूरी लगभग 409 किलोमीटर रह सकती है। यानी भोपाल से सतना के बीच करीब 104 किलोमीटर की बचत संभव है। हालांकि, वास्तविक यात्रा दूरी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि एक्सप्रेस-वे का अंतिम प्रवेश और निकास बिंदु कहां निर्धारित होता है।

दमोह और पवई क्षेत्र से मिलेगा संपर्क

प्रस्तावित कॉरिडोर को दमोह जिले और पन्ना जिले के पवई क्षेत्र से जोड़ने की संभावना है। इससे इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने के साथ व्यापार, कृषि उपज के परिवहन और क्षेत्रीय आवागमन में सुविधा मिल सकती है। बुंदेलखंड और विंध्य के बीच संपर्क मजबूत होने से दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सतना के पास कहां जुड़ेगा एक्सप्रेस-वे?

सतना जिले में एक्सप्रेस-वे के संभावित मार्ग और शहर से जुड़ाव को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्सुकता है। नागौद और उचेहरा क्षेत्र के आसपास के गांवों के साथ सतना के बाहरी हिस्से में संभावित संपर्क बिंदुओं को लेकर चर्चा है।

इंटरचेंज बनाए जाने की संभावना

पतेरी और नागौद रोड के आसपास इंटरचेंज बनाए जाने की संभावना भी बताई जा रही है, लेकिन इन स्थानों को अभी अंतिम रूप से स्वीकृत मार्ग या निर्धारित इंटरचेंज नहीं माना जा सकता। इसकी पुष्टि एमपीआरडीसी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और आधिकारिक अलाइनमेंट सामने आने के बाद ही होगी।

9850 करोड़ रुपये की परियोजना पर नजर

करीब 9850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से सड़क दूरी घटाने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुधारने का लक्ष्य है। फिलहाल सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद मार्ग निर्धारण, पर्यावरणीय और अन्य आवश्यक अनुमतियों, भूमि अधिग्रहण तथा निर्माण संबंधी निर्णयों के आधार पर परियोजना आगे बढ़ेगी।

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