नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात के सूरत गए सतना जिले के मझगवां निवासी 50 वर्षीय राजेश रामस्वरूप मिश्रा उर्फ रज्जन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या ने परिवार को झकझोर दिया है। किराये के कमरे से उनका शव मिलने की खबर जब परिजनों तक पहुंची, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि उन्हें अपने भाई का अंतिम दर्शन भी ठीक से नसीब नहीं होगा।
शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि पहचान करना तक मुश्किल हो रहा था। सूचना मिलने पर सूरत पहुंचे उनके भाई और भाजपा नेता अवधबिहारी मिश्रा यह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए।
कमरे से उठी दुर्गंध, खुला मौत का राज
सूरत के दिंडोली स्थित लक्ष्मीनारायण सोसाइटी में राजेश पिछले करीब छह महीने से किराये पर रह रहे थे। वह पेंटर का काम करते थे और कमरे का किराया दो हजार रुपये प्रतिमाह बताया गया है। 23 अक्टूबर की सुबह कमरे से असहनीय दुर्गंध आने पर मकान मालिक को संदेह हुआ।
इसके बाद परिचितों को सूचना दी गई और पुलिस की मौजूदगी में कमरा खुलवाया गया। भीतर राजेश का सड़ा हुआ शव मिला।
चेहरे के दाहिने हिस्से पर धारदार हथियार से चोट के गहरे निशान
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उनके चेहरे के दाहिने हिस्से पर धारदार हथियार से चोट के गहरे निशान थे। गर्दन और छाती के ऊपरी हिस्से पर भी निशान पाए गए। पुलिस को आशंका है कि धारदार हथियार से हमला करने के साथ गला घोंटकर हत्या की गई।
बताया जाता है कि 20 अक्टूबर की रात कमरे से झगड़े की आवाजें भी सुनाई दी थीं। हालांकि, हत्या का सही समय और घटनाक्रम जांच का विषय है।
रिश्तों की उलझन में हत्या की आशंका
स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, राजेश जिस महिला राजाबाई उर्फ रानी के साथ रह रहे थे, उसे उन्होंने अपनी पत्नी बताया था। कमरे में रामप्रसाद और गोलू नाम के दो अन्य लोग भी रहते थे। प्रारंभिक जानकारी में महिला और राजेश के बीच संबंधों, उसके वास्तविक पति और बेटे की मौजूदगी को लेकर विवाद की बात सामने आई है।
इसी पारिवारिक उलझन को संभावित हत्या के कारण के रूप में देखा जा रहा है। महिला, उसके पति और बेटे की कथित भूमिका को लेकर जो आरोप सामने आए हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक खुलासे के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या में कौन शामिल था और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
भाई ने सूरत में ही किया अंतिम संस्कार
राजेश की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके भाई अवधबिहारी मिश्रा 24 अक्टूबर को सूरत पहुंचे। शव की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण परिवार के लिए उसे लेकर सतना लौटना संभव नहीं हो सका। पुलिस की आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सूरत में ही शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
अब परिवार के सामने अपने सदस्य को खोने का गहरा दुख है, वहीं हत्या की गुत्थी सुलझने का इंतजार भी है। राजेश छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाइयों में रामबिहारी मिश्रा, अवधबिहारी मिश्रा, कुंजबिहारी मिश्रा, शिवलाल मिश्रा और संतोष मिश्रा शामिल हैं।
पत्नी की पूर्व में हो चुकी मौत
राजेश का विवाह मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र के तिघरा गांव में हुआ था। वर्ष 2020 में प्रसव के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वह काम की तलाश में सूरत में रह रहे थे। अब परिवार की निगाह सूरत पुलिस की जांच पर टिकी है।
परिजन चाहते हैं कि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आए और दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।