
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जीएसटी पंजीकृत कारोबारियों के लिए यह खबर काम की हो सकती है कि अब कोई भी जालसाज उन्हें राज्यकर की ओर जारी कोई भी पत्र या नोटशीट दिखाकर उन्हें बेवकूफ नहीं बना पाएंगा।
अब विभाग ने इसकी विश्वनीयता के लिए बीते एक अक्टूबर से नया नवाचार की शुरुआत की जा चुकी है। जिसका मुख्य लक्ष्य फर्जी व एआई से तैयार किए विभागीय पत्र या नोटिस आदि के भ्रम को दूर कर पंजीकृत व्यवसायी को विभाग से जारी पत्राचार की विश्वनीयता देना है।
इसके तहत अब विभाग अपने रिजस्टर्ड कारोबारी को भौतिक या मैन्यूअल कोई भी पत्र जारी करेगा तो उस पत्र के ऊपर राज्यकर विभाग का अपना स्कैनर होगा और उसके साथ ही बगल में डीआईएन नंबर भी अंकित होगा।
यह स्कैनर बार कोड व डीआईएन नंबर इस बात की विश्वनीयता दिलाएगा कि जारी हुआ पत्र राज्यकर विभाग से ही जारी हुआ है और आया है। लिहाजा अब हर पत्र में जीएसटी अपना स्कैनर व डीआईएन नंबर भी साथ में देगी।
यह भी पढ़ें- साढ़े चार माह बाद याद आई 600 रुपये में कैसे खरीदें दो यूनिफाॅर्म? जबलपुर में बच्चों के खातों में आएगी राशि