
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। बुढेरुआ-जरियारी मार्ग पर बरगी नहर के ऊपर करीब 55 लाख रुपये की लागत से बनाया गया पुल पहली ही बारिश में धराशायी हो गया। पुल के पिलर एक सप्ताह पहले ही करीब चार इंच धंस गए थे, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई। अब पुल का स्लैब टूटकर नीचे गिर गया है। इससे 24 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुल के टूटे हिस्से में बाहर निकली सरियों ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं। मौके पर दिखाई दे रही सरियों को लेकर स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि ड्राइंग के अनुरूप सरिया नहीं लगाई गई।
बताया जा रहा है कि स्लैब में 10 और 12 मिलीमीटर की सरिया लगी है, जबकि 16 मिलीमीटर की सरिया दिखाई नहीं दे रही। सरियों के बीच की दूरी भी निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन दावों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल निर्माण में पेडिस्ट्रल नहीं दिया गया और एबटमेंट भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं बनाए जाने की आशंका है। स्लैब की कास्टिंग के बाद मिट्टी की पर्याप्त कॉम्पैक्शन नहीं किए जाने, रेलिंग नहीं लगाए जाने तथा स्लैब को आवश्यक ढलान नहीं दिए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पहली बारिश में ही पुल के ढह जाने से निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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पुल के पिलर करीब एक सप्ताह पहले ही चार इंच तक धंस गए थे। इसके बावजूद पुल की स्थिति का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराकर आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। बारिश के दौरान जब पुल पर दबाव बढ़ा तो स्लैब ने जवाब दे दिया और पुल धराशायी हो गया। पुल टूटने के बाद अब ग्रामीणों के सामने आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।