HIV संक्रमित को सबने ठुकराया, रोग का पता चलते ही परिवार ने छोड़ा साथ, मेडिकल कॉलेज से भी भगाया, जिला अस्पताल के डाॅक्टरों ने की सर्जरी
मरीज के एचआईवी संक्रमित होने के खुलासे के बाद परिवार के लोग भी उसे अकेला छोडक़र चले गए। इलाज की तलाश में युवक रीवा मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां भी ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 04:56:48 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 06:30:09 PM (IST)
सतना में एचआईवी मरीज की हुई सर्जरी।HighLights
- सडक़ हादसे में फ्रैक्चर के बाद बढ़ी मुश्किल
- रीवा मेडिकल कॉलेज से ठुकराया गया मरीज
- जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया नया जीवन
सतना। सतना जिला अस्पताल ने चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदना का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। सडक़ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल और एचआईवी पॉजिटिव पाए गए एक 40 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम देकर यह साबित कर दिया कि इलाज में बीमारी नहीं, इंसान सबसे पहले होता है।
करीब 20 दिन पूर्व एक सडक़ हादसे में घायल युवक का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। परिजन उसे सतना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे और ब्लड जांच के दौरान युवक के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन युवक के माता-पिता और पत्नी की भी जांच कराई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। हालांकि एचआईवी की पुष्टि होते ही युवक के इलाज में मुश्किलें बढ़ गईं।
रीवा मेडिकल काॅलेज ने ठुकराया तो छोडक़र चला गया था परिवार
- मरीज के एचआईवी संक्रमित होने के खुलासे के बाद परिवार के लोग भी उसे अकेला छोडक़र चले गए। इलाज की तलाश में युवक रीवा मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां भी एचआईवी का हवाला देकर सर्जरी से इनकार कर दिया गया।
- निराश और टूट चुका युवक दोबारा सतना जिला अस्पताल लौटा, जहां उसने अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद दुबे को अपनी पूरी व्यथा बताई। मामले की गंभीरता को समझते हुए डॉ. दुबे ने तुरंत विशेष मेडिकल टीम गठित की।
- टीम में डॉ. अतीक खान और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. शुभी शामिल रहीं। युवक पेशे से वाहन चालक है और उसकी रोजी-रोटी इसी पर निर्भर थी, ऐसे में सर्जरी उसके जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुई सर्जरी
- बुधवार को ट्रॉमा सेंटर के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सर्जरी की गई।
- डॉक्टरों और स्टाफ ने पीपीई किट पहनकर करीब ढाई घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। युवक के पैर के पंजे और घुटने का ऑपरेशन किया गया।
- सर्जरी से पहले उसे एआरटी सेंटर में रजिस्टर्ड कर एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी भी शुरू कराई गई थी। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और फिलहाल युवक खतरे से बाहर है।
- उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह डिसइन्फेक्ट कर 24 घंटे के लिए सील किया गया, वहीं सभी उपकरणों को ऑटोक्लेव प्रक्रिया से सेनेटाइज किया गया।
मानवता से ऊपर कुछ नहीं है। एचआईवी पॉजिटिव मरीज की सर्जरी पूरी सावधानी के साथ की गई है और मरीज सुरक्षित है।"
डॉक्टर शरद दुबे, आरएमओ