• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सतना

सतना में डस्टबिन में मिला सात महीने का भ्रूण, डीएनए टेस्ट खोलेगा राज

सबसे अहम कड़ी अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बनी है। फुटेज में 4 और 5 नवंबर की दरमियानी रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच की है।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 07 Nov 2026 11:09:23 AM (IST)Updated Date: Sat, 07 Nov 2026 11:15:21 AM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
सतना में डस्टबिन में मिला सात महीने का भ्रूण, डीएनए टेस्ट खोलेगा राज
पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की जांघ की हड्डी (फीमर बोन) का नमूना भी सुरक्षित किया गया है। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. आधी रात संदिग्ध महिला डस्टबिन में कुछ डालते दिखी
  2. प्रसव अवधि व भ्रूण के वजन में अंतर से संदेह
  3. महिला ने भ्रूण को अपना मानने से किया इनकार

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिला अस्पताल परिसर में मातृत्व विंग के बाहर रखे डस्टबिन में मिले मृत भ्रूण का मामला अब डीएनए जांच तक पहुंच गया है। करीब 1.7 किलोग्राम वजन के इस भ्रूण की पहचान के लिए अस्पताल प्रबंधन ने वैज्ञानिक जांच कराने का निर्णय लिया है।

पन्ना की संदिग्ध महिला से रक्त नमूना लिया

पन्ना जिले के सलेहा की रहने वाली एक संदिग्ध महिला की सहमति से उसका रक्त नमूना लिया गया। वहीं पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की जांघ की हड्डी (फीमर बोन) का नमूना भी सुरक्षित किया गया है।

दोनों नमूने भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजेंगे

दोनों नमूनों को जांच के लिए भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि डस्टबिन में मिला भ्रूण उक्त महिला का है या नहीं।

महिला डस्टबिन में कुछ डालते दिखाई दी

इस मामले में सबसे अहम कड़ी अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बनी है। फुटेज में 4 और 5 नवंबर की दरमियानी रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच एक महिला डस्टबिन में कुछ डालते दिखाई दी।

एक कैमरे में चेहरा ढका, दूसरे में गतिविधियां रिकॉर्ड

एक कैमरे में महिला का चेहरा ढका हुआ था, जबकि दूसरे कैमरे में उसकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुईं। बाद में फुटेज के आधार पर उसकी पहचान पन्ना जिले की उस महिला के रूप में किए जाने की बात सामने आई, जिसे गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


तीन माह की गर्भावस्था बताई, भ्रूण निकला करीब सात माह का

मामले का संदेह तब गहराया, जब महिला के परिजनों द्वारा बताई गई गर्भावस्था की अवधि और बरामद भ्रूण की स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया। परिजनों ने चिकित्सकों को बताया था कि महिला करीब तीन माह की गर्भवती थी और उसका गर्भपात हुआ है।

चिकित्सकों को गर्भाशय में प्लेसेंटा फंसी मिली

महिला को गर्भपात संबंधी शिकायत के बाद बुधवार देर रात अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान चिकित्सकों को गर्भाशय में प्लेसेंटा (नाल) फंसे होने की स्थिति मिली। इसे चिकित्सकीय भाषा में रिटेन्ड प्लेसेंटा कहा जाता है।

1.7 किलोग्राम वजन और अवधि लगभग सात माह

चिकित्सकों को बरामद भ्रूण के आकार और वजन को देखकर संदेह हुआ। करीब 1.7 किलोग्राम वजन के भ्रूण की अवधि लगभग सात माह आंकी गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।

प्रसव कहीं अन्य स्थान पर हुआ था

बताया जा रहा है कि महिला का प्रसव कहीं अन्य स्थान पर हुआ था और वह अस्पताल में नाल संबंधी समस्या के उपचार के लिए पहुंची थी। हालांकि, महिला ने डस्टबिन में मिले भ्रूण को अपना मानने से इनकार कर दिया है।

फीमर बोन से लिया नमूना, सुरक्षित रखा भ्रूण

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतीश शुक्ला ने पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की फीमर बोन का नमूना सुरक्षित किया। संदिग्ध महिला का रक्त नमूना भी लिया गया है।

दोनों के बीच जैविक संबंध की पुष्टि होगी

डीएनए मिलान के जरिए दोनों के बीच जैविक संबंध की पुष्टि की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद भ्रूण को अस्पताल की मदद से नगर निगम के माध्यम से दफना दिया गया।

महिला को नहीं मिली छुट्टी, पुलिस ने शुरू की पड़ताल

महिला फिलहाल जिला अस्पताल के पोस्टनेटल केयर (पीएनसी) वार्ड में भर्ती है। उसके पति ने अस्पताल प्रबंधन से छुट्टी देने की मांग की, लेकिन मामले की जांच और चिकित्सकीय परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया है।

घटना की सूचना सिटी कोतवाली पुलिस को दी

अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना सिटी कोतवाली पुलिस को दी है। साथ ही अस्पताल स्तर पर भी आंतरिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब इस पूरे मामले में डीएनए रिपोर्ट निर्णायक साबित हो सकती है।

सवालों की भी पुष्टि या खंडन हो सकेगा

रिपोर्ट से न केवल भ्रूण की जैविक मां की पहचान हो सकेगी, बल्कि सीसीटीवी में दिखाई दी गतिविधियों और अस्पताल में भर्ती महिला के बीच संबंध को लेकर उठ रहे सवालों की भी पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- सतना की सड़कों पर अनिरुद्धाचार्य का गुस्सा, मंच से बोले - शहर में सड़क ही नहीं है, तंग गलियों से जाना पड़ा

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।