
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। मैहर जिला के अमरपाटन तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खरमसेड़ा से पटवारियों की कामचोरी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। पटवारी व सर्वेसर की गलती अब किसान को पर भारी पड़ रहीं है। जिसका खामयाजा यह भुगतना पड़ रहा है कि अब वह बीते तीन महीने से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यालयों की डेहरी के चक्कर लगा रहा है।
दरअसल खरमसेड़ा ग्राम पंचायत निवासी किसान संतोष पटेल ने नादन टोला स्थित अपनी दो आराजियों क्रमांक क्रमश: 584 व 451 में चना व मसूर बोई थी। लेकिन काम चोरी के चलते पटवारी व सर्वेयर ने गिरदावली में गेहूं की फसल की बोनी दिखा दी। यानि खेत में चना-मसूर की फसल खड़ी है और जिला प्रशासन के कागजों में गेहूं खड़ा है। इस घटनाक्रम ने पटवारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए है। जिसकी शिकायत किसान ने सीएम हेल्पलाइन में गुहार लगाने कि बात कहीं है। ग्रामीणों ने इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पटवारियों के ऊपर घर बैठें गिरदावली करने व फिल्ड में न जाने के भी आरोप लगाने लगे है।
किसान के अनुसार नवंबर माह में उसने रबि फसल की बुवाई प्रारंभ होती है। लिहाजा उसने अपनी आराजी क्रमांक 451 दो एकउ़ में मसूर व आराजी क्रमांक 584 रकबा ढाई एकड़ में चना की बुवाई की थी। लेकिन उस दौरान प्रारंभ गिरदावली में सर्वेयर व पटवारी ने घर बैठें ही गेहूं की फसल चढ़ा दी। उसके बाद से हर दिन मैं गिरदावली में सुधार के लिए कहीं पटवारी तो कहीं तहसीलदार के दफ्तर के चक्कर काट रहा हूं। लेकिन कोई नहीं मिलता। पटवारी ललित अवधिया से दूरभाष से बात की तो बोले सुधर जाएगा। उसके बाद से फोन लगना ही बंद हो गया। लिहाजा अब संकट खड़ा हो गया।
पटवारी की इस गलती के चलते किसान संतोष पटेल राज्य सरकार की कई योजनाओं के लिए अपात्र हो गए। किसान संतोष के अनुसार पटवारी ललित अवधिया व सर्वेयर जयकरन केवट द्वारा चना-मसूर की जगह गिरदावली में गेहूं की फसल चढ़ाने से वह अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सका तो अब वहीं भावांतर व एमएसपी जैसी योजनाओं से भी वंचित होने का डर सताने लगा है।