
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। चित्रकूट के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी की गुफाओं में बार-बार पत्थर गिरने की घटनाओं के बाद बंद पड़ा श्रद्धालुओं का प्रवेश अब वैज्ञानिक जांच के बाद बहाल होने की उम्मीद जगी है।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के प्रोफेसर एवं वैज्ञानिकों की टीम गुफा के भीतर चट्टानों और पत्थरों की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ आवश्यक तकनीकी एवं स्वॉयल टेस्ट भी करेगी।
जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को मुख्य नगर परिषद अधिकारी चित्रकूट अंकित सोनी के स्तर से एनआईटी प्रयागराज को पत्र भेजा गया है। संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा गुफाओं का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की तैयारी है।
जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि गुफा में पत्थर गिरने की वजह क्या है, चट्टानों की स्थिरता कितनी है और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए किन उपायों की जरूरत होगी।
गुप्त गोदावरी की गुफाएं पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की जांच के बाद मिलने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट के आधार पर गुफाओं में सुरक्षा व्यवस्था, संभावित जोखिम और श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी। अंतिम निर्णय तकनीकी जांच और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया जाएगा।
गुफाओं के लंबे समय से बंद रहने का असर धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। यहां दुकानें लगाने वाले व्यापारियों और आसपास रहने वाले लोगों की रोजी-रोटी काफी हद तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निर्भर है।
गुफाओं के बंद होने से उनकी आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऐसे में वैज्ञानिक जांच शुरू होने की खबर से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सुरक्षा मानकों के अनुरूप जल्द कोई रास्ता निकलेगा।
वर्जन
प्रयागराज एमएनएनआईटी के प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक जल्द ही गुप्त गोदावरी पहुंचकर गुफाओं की जांच करेंगे। पत्थरों और गुफा की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
अंकित सोनी, मुख्य नगर परिषद अधिकारी, चित्रकूट
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