
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर: जिले के टेगना ररिया टोला में रहने वाले ग्रामीण इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव के करीब 24 परिवारों को पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को गड्ढों और नालियों में जमा दूषित पानी का उपयोग पीने और दैनिक जरूरतों के लिए करना पड़ रहा है।
गांव की महिलाएं रोजाना करीब तीन किलोमीटर दूर से डिब्बों और मटकों में पानी भरकर घर लाती हैं। यह पानी साफ नहीं है, लेकिन मजबूरी में इसी का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ गया है।
गांव में जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन लगाए गए थे, लेकिन नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों तक नलों से एक बूंद पानी नहीं आता। योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गांव में मौजूद एकमात्र हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि हैंडपंप चालू होता, तो ग्रामीणों को कम से कम पीने का पानी मिल सकता था।
गांव की सावित्री साकेत ने बताया कि नल में पानी नहीं आता, इसलिए मजबूरी में गड्ढे का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत लगातार खराब हो रही है। वहीं आंचल साकेत ने कहा कि “जीना है तो पानी पीना पड़ेगा”, चाहे वह कितना भी दूषित क्यों न हो।
मामले को लेकर जिला पंचायत सतना के सीईओ शैलेंद्र सिंह ने कहा कि रामनगर जनपद पंचायत के सीईओ को तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नल जल योजना बंद पाई जाती है, तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।