
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर। प्याज उत्पादक किसानों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रहीं। सोमवार को मंडी में 40 पैसे प्रति किलो का दाम मिला तो चंदेरी के किसानों ने भोपाल रोड पर प्याज की ढेरी लगा दी और राहगीरों को रोककर मुफ्त में प्याज बांट दिया। किसान एमएस मेवाड़ा का कहना है कि मंडी में प्याज 10 रुपए कट्टी यानी 40 पैसे प्रति किलो बिक रहा है। इतनी कम कीमत पर तो भाड़ा भी नहीं निकल पाएगा।
किसान की सारी मेहनत, लागत और उम्मीद सब मिट्टी में मिलती नजर आ रही है। एक किसान ने बताया कि उसने दो बीघा में प्याज बोई थी। इसमें करीब 80 हजार खर्च आया। परिवार के सदस्यों की मेहनत का मूल्य जोड़ दें तो लागत और बढ़ जाएगी। अब जब फसल तैयार है तो दाम नहीं मिल रहे। सरकार ने मदद नहीं की तो बर्बादी तय है। किसानों ने प्याज को भावांतर योजना में शामिल करने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सोमवार को सीहोर मंडी में प्याज का अधिकतम भाव 300 प्रति क्विंटल रहा। वहीं पड़ोसी जिले राजगढ़ में यही प्याज 200 रुपये प्रति क्विंटल बिका। सीहोर में भी पूरे महीने का औसत मूल्य 100 रुपया प्रति क्विंटल है। किसान परेशान होकर गांव के बाहर गड्ढों में प्याज फेंक दिया है।
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