
अखलेश गुप्ता, सीहोर। जिले ने जहां अब तक का सबसे अधिक समय तक रहने वाले भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है, वहीं एक और प्रदेश स्तर पर उपलब्धि विधायक सुदेश राय ने हासिल की है, जो 2018 में प्रत्याशियों द्वारा जमा किए गए नामांकन फार्म के अनुसार प्रदेश के टाप दस अमीरों में 9वें नंबर पर शामिल हैं। बहरहाल 30 अक्टूबर तक नामांकन फार्म जमा होंगे और एक बार फिर सुदेश राय अपना नामांकन फार्म इस बीच जमा करेंगे, जिसमें यह देखने लायक होगा कि टाप-10 में उनका क्रम ऊपर जाता है कि नीचे होता है।
एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्स और मध्यप्रदेश इलेक्शन वाच (एडीआर) ने 2018 का चुनाव जीतकर आए विधायकों का प्रस्तुत शपथ पत्र के आधार घोषित वित्तीय जानकारी के अनुसार सीहोर विधानसभा से विधायक सुदेश राय प्रदेश के टाप-10 करोड़पति विधायकों की सूची में 9वें नंबर पर है। एडीआर द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार जिले की चार विधानसभाओं में चार विधायकों में सुदेश राय ही प्रदेश के टाप-10 करोड़पति की सूची में शामिल हैं, जबकि इस सूची में जिले से की बुदनी विधानसभा से विधायक व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं है।
सीहोर से भाजपा विधायक व प्रत्याशी सुदेश राय करोड़पति है। 2018 के विधानसभा चुनाव में सीहोर से बीजेपी प्रत्याशी बनाए गए सुदेश राय ने नामाकंन भरते समय जो संपत्ति का ब्यौरा दिया था उसके अनुसार सुदेश राय के पास 67 करोड़ 51 लाख 29 हजार की सपंत्ति बताई थी। सुदेश राय की पत्नी के नाम 22 करोड़ 20 लाख की प्रापर्टी बताई गई थी। सुदेश राय के पास 8 लाख 21 हजार 309 रुपये कैश, जबकि उनकी पत्नी अरुणा राय के पास 50 हजार रुपये बताए गए थे।
घोषणा पत्र के अनुसार राय के पास चल संपत्ति 2 करोड़ 46 लाख 97 हजार रुपये और उनकी पत्नी अरुणा राय के पास 49 लाख 35 हजार 244 रुपये की बताई थी। राय के पास भूमि-मकान 42 करोड़ 35 लाख रुपये, जबकि पत्नी के पास 500 ग्राम सोना और 2 किलो 70 ग्राम चांदी के आभूषण बताए थे, जिनकी बाजार कीमत 16 लाख 7 हजार 640 रुपये बताई गई थी। इस बार भी नामांकन फार्म दाखिल करने के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि बीजेपी प्रत्याशी सुदेश राय की संपत्ति में इजाफा हुआ या कम हुई।
प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में जहां कई पुराने प्रत्याशियों को मौका मिला है, तो कई नए प्रत्याशी बनाए गए है, जिनके नामांकन फार्म जमा करने का क्रम लगातार जारी है, जो 30 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद जमा किए गए नामांकन फार्म के आधार पर एक बार फिर प्रदेश टाप-10 अमीर और सबसे गरीब विधायक उम्मीदवारों की सूची स्पष्ट होगी। इसके साथ ही 2018 के क्रम भी बदल सकते हैं।
कौन कितना मजबूत हुआ है यह भी स्पष्ट हो सकेगा। वहीं नए चेहरे जिन्हें विधानसभा सीट पर चुनाव भाजपा, कांग्रेस व अन्य दलों से टिकट मिले है, उनकी संपत्ति का ब्यौरा भी सामने आ जाएगा।