
सीहोर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 16 फरवरी से होने वाले सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव और शिवमहापुराण में शामिल होने के लिए पिछले दिनों से श्रद्धालु का आना शुरू हो गया है। समय से पहले ही पूरा परिसर श्रद्धालुओं से पट गया है। इधर शहर के सभी होटल, धर्मशालाओं और भवनों में भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। कथा व्यास भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा गुरुवार को सुबह सात बजे से नौ बजे तक भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा और उसके बाद दोपहर एक बजे श्री महाशिवरात्रि शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में बने भव्य रुद्राक्ष वितरण काउंटर से श्रद्धालुओं को 24 घंटे सातों दिन तक रुद्राक्ष का क्रम जारी रहेगा।
चौबीस घंटे होगा रुद्राक्ष का वितरण
विठलेश सेवा समिति, ग्रामीणों, क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों और विशेष रूप से जिला प्रशासन आगामी 16 फरवरी से होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर कुंभ स्तर पर तैयारियां की जा रही है। जिला प्रशासन के आला अधिकारी समय-समय पर व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण कर रहे है। शिव महापुराण कथा स्थल के लिए बनाए गए पंडाल के ठीक सामने करीब 500 मीटर दूर व भटोनी मार्ग से आते ही पार्किंग से करीब 300 मीटर दूर 10 रुद्राक्ष वितरण काउंटर बनाए गए है, जहां जिगजैग से होकर रुद्राक्ष वितरण स्थल तक पहुंचा जा सकेगा। यहां 24 घंटे रुद्राक्ष वितरण चलेगा। प्रत्येक व्यक्ति को एक रुद्राक्ष दिया जाएगा। यहां दूसरी बार रुद्राक्ष लेना मुश्किल होगा। क्योंकि जिगजैग से गुजरने में काफी समय लगेगा।
स्वास्थ्य केंद्र बनाया, तैनात रहेंगी दो एंबुलेंस
आश्रम में ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र से दूर-दूर से कुबेरेश्वरधाम आने वाले व्यक्तियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, आश्रम में आये व्यक्तियों को कोई छोटी मोटी समस्या जैसे उल्टी, दस्त, हल्का बुखार, बीपी, शुगर आदि होता है तो प्राथमिक चिकित्सा या तात्कालिक उपचार देने के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, प्राथमिक चिकित्सालय स्थापित किया गया है। केन्द्र में सुविधा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जाएंगी। वहीं दो एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।
पांच स्थानों पर की पार्किंग, निकासी का अलग रास्ता
प्रशासन के द्वारा भटोनी मार्ग के शुरुआत से लेकर अंदर तक पांच स्थानों पर पार्किंग की करीब 70 एकड़ जमीन में पार्किंग की व्यवस्था की है, वहीं विठलेश सेवा समिति ने भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आस-पास के रिक्त स्थानों पर भी प्रशासन और समाजसेवियों के द्वारा वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, वहीं निकासी के लिए अलग रास्ता दिया है, जिससे जाम जैसी स्थिति से निजात मिलेगी। हालांकि दो दिन पहले ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में वाहन पार्किंग खड़े हो चुके हैं।
पांच किलो आटे की बनेगी एक पूड़ी
मंदिर परिसर के पास में ही एक बड़ी भोजनशाला और करीब 15 भट्टियों का निर्माण किया गया। इस साल यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। इस बार यहां परंपरागत रूप से बनने वाली छोटी पुड़ी नहीं बनेगी, बल्कि 5 किलो आटे की एक विशाल पूड़ी बनेगी। जिसमें 25 लोग एक साथ भोजन कर सकेंगे। विशेष तौर पर हलवाई और कारीगरों को बुलाया गया है जो श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करेंगे। गुजरात और राजस्थान के रसोईयों की टीम को भोजन बनाए जाने की व्यवस्था के लिए आमंत्रित किया गया है, इसके अलावा अन्य लोकल के लोगों को भी भोजन आदि की व्यवस्था के लिए लगाया जाएगा। इसके लिए करीब 10 एकड़ में भोजनशाला का निर्माण किया जाएगा।
रुद्राक्ष महोत्सव में लगाई अधिकारियों की ड्यूटी
कुबेरेश्वरधाम में महाकुंभ स्तर का विशाल रुद्राक्ष महोत्सव 16 से 22 फरवरी तक आयोजित किया जाना है। इसके लिए कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कानून एवं शांति व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न अधिकारियों की डृयूटी लगाई है। कुबेरेश्वरधाम मेला स्थल पर पर्याप्त पार्किंग के लिए स्थान, वाहनों के आवागमन, बैरिकेटिंग, आने वाले श्रद्धालुओं की बैठक व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित अन्य समुचित व्यवस्था की गई है। संपूर्ण व्यवस्था के प्रभारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी सीहोर होंगे। डाक्टर टीम, दवाएं व स्टाफ सहित उपलब्ध रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर फायर ब्रिगेड वाहन, फायर फाइटर, साफ-सफाई व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। कुबेरेश्वरधाम जाने वाले मार्ग भटोनी जोड़, नापलाखेडी जोड़, कथा स्थल आदि सभी चिहन्ति स्थानों एवं अन्य स्थानों पर अधिकारियों की डृयूटी लगाई गई है।
रास्ता बंद होने से भड़के दुकानदार
प्रशासन द्वारा हाईवे से कुबेरेश्वर धाम जाने वाले रास्ते को बंद कर दिए जाने से मार्ग के दुकानदार मायूस हो गए। महंगे किराए पर दुकान लेने वाले दुकानदारों को जब अपनी ग्राहकी प्रभावित होती नजर आई तो वह आक्रोशित हो उठे और प्रदर्शन कर दिया। इस दौरान वह पं. प्रदीप मिश्रा के पास भी पहुंचे और अपनी व्यथा से अवगत कराया। पं. मिश्रा कुबेरेश्वर धाम पहुंच मार्ग पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। प्रशासन द्वारा उन्हें अवगत कराया गया कि मार्ग को टेस्टिंग के लिए बंद किया गया है। शाम को छह बजे मार्ग खोल दिया जाएगा। नियत समय पर प्रशासन द्वारा मार्ग को आम लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया था। इसके बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
यह रहेगा कुबेरेश्वर धाम पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग का रूट
-इंदौर-भोपाल हाइवे के दोनो तरफ लोग पैदल न जा सकें, इसलिए बीच में खोदी नाली।
-हाइवे से कुबेरेश्वर का प्रचलित मार्ग सिर्फ पैदल जाने वालों के लिए मार्ग, छोटे-बड़े वाहन नहीं कर पाएंगे प्रवेश।
-हाइवे पर पैदल पहुंच मार्ग से 500 मीटर दूर खेत में से एक और संकरे मार्ग का लगाया पोस्टर।
-भटोनी मार्ग से 500 मीटर पहले पैदल निकासी मार्ग।
-वेयर हाउस के पास से वाहन का निकासी मार्ग।
-भटोनी के पास से वाहनों का प्रवेश मार्ग।
-भटोनी मार्ग पर दाए तरफ पार्किंग आटो के लिए, जहां से लोग सीधे पैदल जा सकते हैं।
-भटोनी से कुबेरेश्वर धाम के बीच पांच जगह पार्किंग, जहां से पैदल 500 मीटर चलना होगा।
-पार्किंग से चितावालिया होते हुए मुख्य मार्ग से कुबेरेश्वर धाम प्रवेश द्वार के लिए और एक मार्ग पंडाल के लिए सीधा चितावलिया जीरो पाइंट से।
-दूसरा डायवर्ट मार्ग शुगर फैक्टरी से महोड़िया होते हुए कुबेरेश्वर पहुंचेगा, जहां सिर्फ आटो के लिए होगा।