"18 में से 10 को खरीद लिया था..." आष्टा विधायक के वायरल बयान से गरमाई MP की राजनीति, कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र का चीरहरण
आष्टा से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर एक वायरल वीडियो में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 12:54:18 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 01:38:33 PM (IST)
वीडियो में विधायक जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। वीडियोग्रेबHighLights
- आष्टा से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का वीडियो वायरल
- जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने का मामला
- वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, विधायक ने दी सफाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर। आष्टा से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विधायक जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताते हुए भाजपा पर धनबल और सत्ता के दम पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, वायरल वीडियो किस कार्यक्रम का है और कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
मंच से बोले- 10 को खरीद लिया था
वायरल वीडियो में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर एक कार्यक्रम में अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते नजर आते हैं। वे कहते हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए बाबा जी से आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने कहा कि एक की कमी है। इस पर मैंने कहा कि 18 में से 10 को खरीद लिया है, फिर एक की कमी गुरुदेव ने कैसे बता दी।
विधायक के इस कथित बयान ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सदस्यों की खरीद-फरोख्त को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस बोली- लोकतंत्र का चीरहरण
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने विधायक के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनबल और सत्ता के दम पर वोट चोरी कर रही है। गुजराती ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जिले में इस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, तो प्रदेश के दूसरे जिलों के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। कांग्रेस ने इस प्रकरण को चुनावी शुचिता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए भाजपा को घेरा है।
विधायक बोले- धार्मिक कार्यक्रम में मजाक किया था
विवाद बढ़ने के बाद विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सफाई देते हुए कहा कि धार्मिक कार्यक्रम में हंसी-मजाक के अंदाज में यह बात कही गई थी। उनके मुताबिक, उन्होंने यह बात मजाक में कही थी, लेकिन कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इसे विवाद का रूप दिया जा रहा है। विधायक के स्पष्टीकरण के बावजूद वीडियो को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
पहले भी विवादों में रहे हैं विधायक
गोपाल सिंह इंजीनियर का विवादों से पुराना नाता रहा है। जुलाई 2025 में खेड़ापुरा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत का एक कथित आडियो वायरल हुआ था। इसमें विधायक पर ग्रामीणों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे।
ऑडियो में वे ग्रामीणों के धरने और शराब पीने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते सुनाई दिए थे। इस मामले में कांग्रेस ने विरोध जताते हुए विधायक के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी। इसके बाद अगस्त 2025 में ग्राम मिट्ठूपुरा के एक युवक से बातचीत का कथित आडियो सामने आया था। सड़क को लेकर सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट हटाने के लिए दबाव बनाने और मारने की धमकी देने जैसी बातें इस ऑडियो में सुनाई देने का दावा किया गया था।
इससे विधायक की भाषा और जनप्रतिनिधि के व्यवहार को लेकर फिर सवाल उठे थे। इसी दौरान भूपोड़ गांव में विकास कार्य नहीं होने को लेकर भी ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई थी। ग्रामीणों ने विधायक से कहा था कि यदि विकास कार्य नहीं करा सकते तो गांव को गोद से मुक्त कर दें। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था।
जिला पंचायत अध्यक्ष से विधायक तक का सफर
गोपाल सिंह इंजीनियर विधायक बनने से पहले सीहोर जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। अब उसी कार्यकाल से जुड़े कथित बयान ने उनके राजनीतिक सफर को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।