
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर। मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के महोड़िया गांव में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब शराब ठेका हटाने की मांग लेकर पहुंचीं महिलाओं को कथित तौर पर राहत देने के बजाय नाराजगी का सामना करना पड़ा।
आरोप है कि शिकायत लेकर आई एक महिला से मंत्री ने उसके पति को थाने में बंद करवाने की बात कही। घटना को लेकर अब जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और आम लोगों की शिकायतों के निराकरण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार महोड़िया गांव में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के साथ जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। इसी दौरान गांव की महिलाएं वहां संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग लेकर पहुंचीं।
महिलाओं का कहना था कि शराब ठेके के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। आए दिन विवाद होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शराब की वजह से कई परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक संकट भी गहरा रहा है।
महिलाओं को उम्मीद थी कि जनविश्वास कार्यक्रम में उनकी समस्या सुनकर शराब दुकान को हटाने या बंद कराने के संबंध में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने गांव के हित में शराब ठेके को हटाने की गुहार लगाई। हालांकि आरोप है कि उनकी शिकायत पर मंत्री नाराज हो गए और एक महिला से कहा कि उसके पति को थाने में बंद करवा देंगे।
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महिलाएं जिस कार्यक्रम में अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंची थीं, वहां कथित धमकी मिलने से पूरे मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद महिलाओं की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं है।
जनविश्वास कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है। ऐसे में यदि शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को ही कथित तौर पर धमकी का सामना करना पड़े, तो प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।