
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिवनी के नाम का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के प्रकरण में एफआइआर दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार आरोपित स्पर्श उर्फ अंकुर अग्रवाल के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है, यह प्रकरण मेडिकल कॉलेज में दुकानों की नीलामी व विद्यार्थियों की मेस में सप्लाई दिलाने का झूठा भरोसा देकर दो व्यक्तियों से 4 करोड़ 66 लाख 68 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने पर दर्ज किया है।
आरोपित स्पर्श अग्रवाल फरार बताया गया है, जिसे ईओडब्ल्यू तलाश रही है। अधिकारियों के अनुसार 25 सितंबर 25 को नेहरू रोड निवासी सुयश अग्रवाल व रामकुमार सुहाने ने दो पृथक-पृथक शिकायतें ईओडब्ल्यू को देते हुए कहा था कि आरोपित स्पर्श उर्फ अंकुर अग्रवाल ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नाम व प्रतिष्ठा का दुरुपयोग करते हुए कॉलेज में दुकानों की नीलामी तथा विद्यार्थियों की मेस में सप्लाई दिलाने का झूठा भरोसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
मामले की जांच में सामने आया कि आरोपित स्पर्श उर्फ अंकुर पुत्र किशोर अग्रवाल (26) ने सुनियोजित तरीके से प्रार्थी सुयश अग्रवाल से 4 करोड़ 21 लाख 65 हजार रुपये तथा रामकुमार सुहाने से 45 लाख 3 हजार रुपये इस तरह कुल 4 करोड़ 66 लाख 68 हजार रुपये की संगठित आर्थिक धोखाधड़ी की गई है। जांच में पता चला कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिवनी वर्ष 2024 से संचालित है।
विद्यार्थियों की मेस का संचालन किसी भी प्रकार की आधिकारिक निविदा से नहीं किया जाता। इसका संचालन विद्यार्थी स्वयं सहकारी व्यवस्था से करते हैं। कॉलेज प्रबंधन ने किसी दुकान की ना तो नीलामी है, ना ही किसी व्यक्ति को मेस, कैंटीन या दुकान संचालन करने अधिकृत किया है।
पीड़ितों को बताया कॉलेज डीन से है जान-पहचानजानकारी के अनुसार अनाज ट्रेडिंग व्यवसायी सुयश अग्रवाल व होटल व्यवसायी राम कुमार सुहाने से आरोपित स्पर्श उर्फ अंकुर अग्रवाल पहले से परिचित था। करोड़ रुपये की धाेखाधड़ी के संबंध में प्रार्थियों ने 25 सितंबर 2025 को दो अलग-अलग शिकायतें दी थी।
इसमें बताया किया कि “फूड सप्लाई” के नाम पर आरोपित ने कॉलेज में आना-जाना शुरू किया, रामकुमार सुहाने के होटल से अस्थायी रूप से मेस संचालन सप्लाई शुरू करवाई। इसके बाद आरोपित ने धीरे-धीरे कालेज के विद्यार्थियों-संबंधित लोगों के बीच अपनी पहुंच दिखाते हुए रामकुमार सुहाने का भरोसा जीत लिया।
उन्हें नियमित रूप से मेस में फूड सप्लाई का काम दिलाने का आश्वासन दिया। इसी आधार पर आरोपित ने प्रार्थी सुयश अग्रवाल से कहा कि वह कॉलेज प्रशासन से अधिकृत है, डीन से उसकी जान-पहचान है व कालेज में दुकानों की नीलामी होने वाली है जिसमें वह सुयश को दुकान दिलवा देगा।
जांच में पता चला कि आरोपित स्पर्श अग्रवाल ने सुनियोजित तरीके से जी.एम.सी. सिवनी नाम से एचडीएफसी बैंक कचहरी चौक शाखा में एक चालू खाता खुलवाया, यह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिवनी का आधिकारिक बैंक खाता नहीं था, बल्कि आरोपित की निजी प्रोपराइटरशिप फर्म का खाता था।
“जीएमसी सिवनी का नाम गर्वेमेंट मेडिकल कॉलेज सिवनी से मिलता-जुलता रखकर लोगों को भ्रमित करने आरोपित ने इसे खुलवाया था। आरोपित ने स्वयं को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से अधिकृत व्यक्ति बताकर पीड़ितों से कहा कि दुकान व मेस के लिए आवश्यक धनराशि जीएमसी सिवनी के बैंक खाते में जमा करना है, जो “सरकारी” व “सेफ” है। आरोपित ने फरवरी 2025 में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ होने की जानकारी सुयश अग्रवाल को दी थी। नीलामी हेतु भुगतान करने की बात कही थी।