सिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छह साल से ब्राडगेज रेल लाइन का इंतजार जल्द समाप्त हो सकता हैं। सिवनीवासियों को नए साल में बड़ी रेल लाइन की सागौत मिल सकती है। जनवरी 2022 तक बड़ी रेल लाइन का काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे विभाग द्वारा गेज परिवर्तन का बचा काम पूरा करने पूरी ताकत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सिवनी स्टेशन के लिए 550-550 मीटर के तीन प्लेटफार्म व एक स्टेशन भवन सहित कर्मचारियों के क्वार्टर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। दूसरी ओर स्टेशन भवन, आरक्षण भवन, कर्मचारियों के क्वार्टर बनाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही सिवनी स्टेशन में पटरियों को बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन के पहुंचने वाले वाले पुराने रास्ते का चौड़ीकरण करने साथ ड्रेनेज, पाइप लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुराने स्टेशन के पीछे स्थित दोनों छोटे तालाब की फिलिंग की जा रही है। वर्तमान में मौजूद आरक्षण कक्ष से लगे हिस्से में कर्मचारियों के क्वार्टर का निर्माण कराया जाएगा।

पीपरडाही तक बिछा दी रेल लाइनः नैनपुर से भोमा के बीच रेल लाइन का सीआरएस मार्च 2021 में हो चुका है। जबकि छिंदवाड़ा से चौरई के बीच बिछाई गई पटरियों का टेस्ट हो चुका है। चौरई से सिवनी सीमा के पीपरडाही तक रेल पांते बिछाने का काम अंतिम दौर में है। अधिकारियों के मुताबिक मार्च 2022 से पहले हर हाल में गेज परिवर्तन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरतलब है कि मई 2015 में मेगा ब्लाक के तहत नैरोगेज ट्रेन को बंद किया गया था। रेलवे विभाग ने जून 2020 में इसे पूरा करने लक्ष्य रखा था लेकिन कोरोना व अन्य तकनीकी समस्याओं के चलते इसकी मियाद मार्च 2021 और फिर सितंबर 2021 तक बढ़ाई गई थी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया स्टेशनः नागपुर रोड गंजवार्ड से जाने वाले रास्ते पर एक स्टेशन भवन बनकर तैयार हो गया है। साथ ही स्टेशन से लगे प्लेट फार्म क्र. 1, 2 और 3 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 4 नंबर प्लेट फार्म बनाने का काम तेजी से चल रहा है। छोटी लाइन स्टेशन के आगे रेलवे की जमीन पर दूसरा स्टेशन भवन बनाने का काम शुरू हो गया है। छोटी लाइन स्टेशन के पीछे स्थित दो छोटे तालाबों की मुरम व मिट्टी से फिलिंग की जा रही है, ताकि पुराने रास्ते को स्टेशन तक पहुंचने के लिए चौड़ा और सुविधाजनक बनाया जा सकें। यह रास्ता मठ मंदिर के पीछे मौजूद रेलवे की जमीन पर बन रहे आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेशन तक जोड़ा जाएगा। सिवनी का मॉडल स्टेशन छिंदवाड़ा से बेहतर हो इसका पूरा ध्यान रेलवे के अधिकारी रख रहे हैं। रेलवे स्टेशन के सर्व सुविधायुक्त भवन में रात्रि विश्रज्ञम के लिए डायमेटरी, वेटिंग हाल, कैंटीन, लिफ्ट सिस्टम सहित अन्य कई सुविधाएं होगी।

ट्रेन के लिए होंगे चार ट्रेक, एक पर दौड़गी मालगाड़ीः ट्रेन के लिए चार ट्रेक बनाए जा रहे हैं। जबकि एक ट्रेक मालगाड़ी के निकलने के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं यार्ड के लिए अर्थवर्क सहित अन्य काम पूरे हो गए हैं। रैक पाइंट भी तैयार किया जा रहा हैं, रेल गाड़ियों को वापस लौटने के लिए रिवारस पाइंट भी बनाया जा रहा हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिवनी में बन रहा रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा में बने स्टेशन से बड़ा और ज्यादा आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

गदंगी से मिलेगी निजातः रेलवे की जमीन पर बने दो पुराने तालाब में सालों से गदंगी बनी रहती थी। तालाबों का अस्तिव समाप्त हो जाने से क्षेत्रवासियों को तालाब में रहने वाली गदंगी से निताज मिलेगी। वहीं नवनिर्मित रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन को यात्रियों की आवाजाही के लिए कटंगी रोड व नागपुर रोड से जोड़ा जा रहा है।

पर्यटन को मिलेगी नई ऊचाइयां: सिवनी में पेंच नेशनल पार्क सहित दर्जनों पर्यटन स्थल है। जगतगुरू शंकराचार्य सरस्वती स्वरूपानंद की जन्मी स्थली होने के साथ यहां पर एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध मौजूद है। बड़ा और सर्व सुविधायुक्त रेलवे स्टेशन बनने से यहां पर्यटन व व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। नैनपुर मंडला से जुड़ने के कारण पेंच व कान्हा की दूरी भी कम होगी। नागपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा आदि बड़े शहरों से जुड़ने से सिवनी के व्यापार में भी वृद्धि होगी।

2022 से दौड़ेगी ट्रेनः साल 2022 में लोगों को छिंदवाड़ा, सिवनी, नैनपुर होते हुए जबलपुर तक ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। छिंदवाड़ा से नैनपुर तक रेलमार्ग का कार्य चार खंड में पूरा किया जा रहा है। छिंदवाड़ा से चौरई (लगभग 35 किमी) वहीं नैनपुर से भोमा (लगभग 51 किमी) का सीआरएस हो चुका है।तीसरा खंड में भोमा से सिवनी( लगभग 19 किमी) और चौथा खंड में चौरई से सिवनी (लगभग 30 किमी) तक निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। छिंदवाड़ा से सिवनी होते हुए नैनपुर और मंडला फोर्ट स्टेशन जाने वाला रेलमार्ग 182 किमी लंबा है। छिंदवाड़ा से नैनपुर के बीच छोटे-बड़े कुल 214 ब्रिज हैं, अधिकतर ब्रिज बन चुके हैं। दोनों जंक्शन के बीच नौ रेलवे स्टेशन व 13 पैसेंजर हाल्ट हैं।

फैक्ट फाइल

छिंदवाड़ा-नागपुर परियोजना की कुल लागत-1420.38 करोड़

परियोजना की लंबाई- 149 किमी

स्टेशनों की संख्या-11

हाल्ट स्टेशन की संख्या-14

बड़े पुलों की संख्या-28

छोटे पुलों की संख्या-307

सुरंग की संख्या-दो

इनका कहना है...

छिंदवाड़ा से नैनपुर तक लगभग 136 किमी रेलमार्ग का बचा कार्य जनवरी 2022 तक पूरा करने प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि मार्च 2022 के पहले भोमा से सिवनी व सिवनी से चौरई के बीच शेष बचा गेज परिवर्तन का कार्य पूरा हो जाएगा। सिवनी में सर्वसुविधायुक्त रेलवे स्टेशन बनाने के साथ ही यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए आवागमन के लिए सड़कों का निर्माण किया जा रहा हैं।

मनीष लावनकर

डिप्टी चीफ इंजीनियर रेलवे छिंदवाड़ा

Posted By: Nai Dunia News Network

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