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सिवनी के लखनादौन नगर परिषद में बड़ा घोटाला, अध्यक्ष समेत 23 पर FIR; शासन को लगाया 83 लाख का चूना

लखनादौन नगर में चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर नगर परिषद द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों का मनमाना आवंटन कर शासन को 83 लाख रुपये की क्षति हु...और पढ़ें

By Sanjay AgrawalEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 02 Mar 2026 04:59:01 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Mar 2026 04:59:01 PM (IST)
सिवनी के लखनादौन नगर परिषद में बड़ा घोटाला, अध्यक्ष समेत 23 पर FIR; शासन को लगाया 83 लाख का चूना
खनादौन नगर परिषद में बड़ा घोटाला

HighLights

  1. कॉम्प्लेक्स की दुकानों के मनमाने आवंटन पर मामला दर्ज
  2. बिना पूरी राशि और अनुबंध के दिया गया दुकानों का कब्जा
  3. 83 लाख की राजस्व क्षति, अध्यक्ष समेत 23 आरोपी

नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। लखनादौन नगर में चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर नगर परिषद द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों का मनमाना आवंटन कर शासन को 83 लाख रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद जबलपुर ईओडब्ल्यू ने नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ गजेंद्र पांडे, गीता वाल्मीक, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक रवि गोल्हानी, पीआईसी सदस्यों देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे सहित 14 दुकानदारों पर प्रकरण दर्ज किया है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने धारा 409, 120बी भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

बिना पूरी राशि और अनुबंध के दिया कब्जा

जानकारी के अनुसार निकाय द्वारा निर्मित आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी प्रक्रिया की गई थी। नियम अनुसार 21 दिन में 25 प्रतिशत राशि जमा करना और शेष राशि 120 दिन के भीतर जमा करना अनिवार्य था। इसके बाद अनुबंध तैयार कर मासिक किराया तय किया जाना था।


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जांच में पाया गया कि 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच बिना पूरी नीलामी राशि जमा कराए और बिना अनुबंध के दुकानदारों को दुकानों का कब्जा दे दिया गया। सत्यापन में सामने आया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये जमा नहीं किए। साथ ही करीब 2.88 लाख रुपये किराया भी वसूल नहीं किया गया।

आरक्षित दुकान का बदला आवंटन

जबलपुर निवासी रविंद्र सिंह आनंद की शिकायत पर जांच शुरू हुई। आरोप है कि आरक्षित वर्ग की दुकानों को सामान्य वर्ग को आवंटित कर नियमों का उल्लंघन किया गया।

मामले में वैभव दुबे को आरक्षित दुकान क्रमांक 7 बिना पुनः नीलामी कराए आवंटित कर दी गई, जबकि नियम अनुसार तीन बार नीलामी विफल होने पर ही दुकान को अनारक्षित घोषित किया जा सकता था। पीआईसी की बैठक में प्रस्ताव पारित कर उन्हें लाभ पहुंचाया गया।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर

जांच में तत्कालीन सीएमओ गजेंद्र पांडे, गीता वाल्मीक, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक रवि गोल्हानी सहित 14 दुकानदारों पर मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के आरोप पाए गए। ईओडब्ल्यू के अनुसार इस पूरे प्रकरण से शासन को लगभग 83 लाख रुपये की क्षति हुई है।

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