
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले में बरघाट परियोजना मंडल अंतर्गत बेहरई रेंज के जंगल में बुधवार सुबह एक नर बाघ का लगभग चार दिन पुराना शव वन अमले को गश्ती के दौरान मिला है। कौड़िया बीट के कक्ष क्रमांक 769 में मृत मिले बाघ की उम्र ढाई से तीन साल होने का अनुमान है।
सूचना पर बरघाट प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने एनटीसीए तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक (भोपाल) से तय गाइड लाइन के अनुसार घटनास्थल को सुरक्षित किया। डाग स्क्वायड से घटनास्थल व उसके आसपास के इलाके की सघन छानबीन की गई।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने बाघ की मौत का कारण आपसी संघर्ष पाया गया है। बरघाट परियोजना के संभागीय प्रबंधक रामकिशन सोलंकी ने बताया कि दरअसल जिस जगह पर बाघ का शव मिला, वहां से कुछ ही दूरी पर एक गाय का शव भी पड़ा था। घटनास्थल पर दूसरे बाघ के पगमार्क व उसकी मौजूदगी के अन्य साक्ष्य भी मिले हैं।
इससे अंदेशा है कि शिकार (भोजन) पर हक जताने को लेकर दो बाघों के बीच हिंसक झड़प हुई होगी, जिसमें इस नर बाघ की जान चली गई। हालांकि चार दिन पुराने बाघ के शरीर के सभी अंग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं।
कार्रवाई में वन विकास निगम जबलपुर मुख्य वन संरक्षक व क्षेत्रीय महाप्रबंधक अनिल कुमार शुक्ला, लामटा के मंडल प्रबंधक सुंदर निवेदन, उपसंभागीय प्रबंधक शैलजा ठाकुर, नायब तहसीलदार धरमराज तुर्कर, एनटीसीए प्रतिनिधि मंदार विक्रम पिंगले, गांगपुर के सरपंच राधेश्याम कुमरे और पटवारी लोकेश बाहेश्वर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के तहत वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराते हुए बाघ का शव जलाकर सभी अंगों को नष्ट कर दिया गया है। फिलहाल वन विकास निगम ने इस मामले में वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है।
यह भी पढ़ें- जबलपुर में दो कमरों का सरकारी कॉलेज, एक में स्टाफ और दूसरे में लगती है स्नातक की तीन वर्षों की कक्षाएं