
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले के कुरई थाना अंतर्गत सतोषा गांव के खेत में मिले युवती के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा ली है। बरघाट एसडीओपी ललित गठरे के नेतृत्व में कुरई व बरघाट पुलिस के संयुक्त दल ने अंधी हत्या का पर्दाफाश कर जघन्य हत्याकांड में शामिल मृतिका की सगी मां सुनीता उइके व मामा अनिल धुर्वे को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण मृतिका के मोबाइल पर किसी से बात करने को बताया जा रहा है। इसी विवाद के चलते आरोपित मामा और मां ने अपनी बेटी का जमीन पर पटककर गला दबाकर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को गुमराह करने और हत्या को दुर्घटना का रूप देने आरोपितों ने लोहे की राड और तार की मदद से शव को करंट लगाया और मक्का के खेत में फेंक दिया था।
बरघाट एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि 30 सितंबर की सुबह सतोषा गांव के एक मक्का खेत में अज्ञात युवती का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा होने की सूचना कुरई पुलिस को मिली थी। मौके पर निरीक्षण में पाया कि मृतिका के शरीर पर चोटों के साथ करंट से झुलसने के निशान मौजूद हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आसपास के गांवों व रिसार्ट्स के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि 28 सितंबर की शाम से आवरघनी के रामधाम (आलिव) रिसार्ट में काम करने वाली सतोसा निवासी मुस्कान पुत्र गुरूप्रसाद उइके (22) काम पर नहीं लौटी है। पुलिस ने जब परिजनों से संपर्क कर कपड़े और हुलिया दिखाया तो सुनीता उइके ने मृतिका की पहचान अपनी बड़ी बेटी मुस्कान उइके के रूप में की।
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए मृतिका की मां सुनीता उइके व मामा अनिल धुर्वे की भूमिका संदिग्ध लगने पर पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपितों ने बताया कि 28 सितंबर की रात मुस्कान मोबाइल पर काफी देर तक किसी से बात कर रही थी। इसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपितों ने गला दबाकर और जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को गुमराह करने और हत्या को दुर्घटना का रूप देने की नीयत से आरोपितों ने लोहे की राड और तार की मदद से शव को करंट लगाया और उसे मक्के के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने कुरई थाना में दर्ज मर्ग प्रकरण में 103(1), 238(ए) और 3(5) बीएनएस की धारा बढ़ाते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपितों की गिरफ्तारी में साइबर सेल का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्रवाई में कुरई थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल शाह टेकाम, बरघाट थाना प्रभारी निरीक्षक मोहनीश बैस, मेडिकल कालेज सिवनी के डाक्टर सैय्यद हुसैनी के अलावा उपनिरीक्षक इंजन सिंह मर्सकोले, राहुल काकोडिया, सहायक उपनिरीक्षक भूपेन्द्र नागेश्वर, शैलेन्द्र डोंगरे, दिलीप सरयाम शामिल रहे। साथ ही प्रधान आरक्षक राजेश माथरे, महेंद्र परतेती, चंचलेश नरवरे, आरक्षक अविनाश पाण्डेय, राजेन्द्र कटरे, सतीश इनवाती, यशपाल सिंह उइके, देव सिंह वरकड़े, कृष्णा भालेकर, पराग राहंगड़ाले तथा साइबर सेल सउनि देवेन्द्र जैसवाल, प्रधान आरक्षक अजय बघेल ने मामले को सुलझाने में सहयोग किया।
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