
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने भ्रष्टाचार के प्रकरण में कार्रवाई कर जनपद पंचायत सिवनी की ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया (32) को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि पलारी गांव के जान्हवी नगर चुनाभट्टी क्षेत्र में टपरिया (कच्चा घर) बनाकर निवासरत प्रार्थी शिवचरण नागवंशी द्वारा टपरिया में सुधार कार्य करवा रहा था।
इस निर्माण को पलारी सरपंच रामगोपाल डेहरिया अवैध बताते हुए तुड़वाने की धमकी दे रहा था। सरपंच ने टपरिया को ना तोड़ने व निर्माण कार्य जारी रखने के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।
इसकी शिकायत प्रार्थी ने ईओडब्ल्यू जबलपुर से की थी, जिसका सत्यापन कर विभागीय दल ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। रिश्वत के रुपये लेने सरपंच रामगोपाल डेहरिया को प्रार्थी शिवचरण ने सिवनी बस स्टैंड बुलाया।
जैसे ही सरपंच ने रिश्वत के 15 हजार रुपये प्राप्त किए, मौके पर उपस्थित ईओडब्ल्यू दल ने आरोपित सरपंच को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई कार्रवाई से बस स्टैंड क्षेत्र में हलचल मच गई और लोग हैरानी में पड़ गए। हालाकि सरपंच की गिरफ्तारी के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
प्रार्थी शिवचरण पुत्र नंदकुमार नागवंशी (40) ने विभाग को दी शिकायत में बताया कि वह बीते 4-5 साल से जान्हवी नगर चुना भट्टी में टपरिया बनाकर रह रहा है, इसके अतिरिक्त रहने की कोई जगह नहीं है। अपनी टपरिया में कुछ सुधार कार्य कराने सरपंच रामगोपाल डेहरिया ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
भ्रष्टाचार में सीधे रुपयों की मांग करने के अधिकांश मामलों में ट्रैप की कार्रवाई लोकायुक्त दल जबलपुर करता आ रहा है। लेकिन ईओडब्ल्यू भी कार्रवाई में सक्रिय हो गया है। कार्रवाई के अधिकार होने के बावजूद ईओडब्ल्यू का अमला आय से अधिक संपत्ति, आर्थिक अनियमतिता व पद के दुरुपयोग प्रकरणों में उलझा रहता था।
रिश्वत संबंधी शिकायतें विभाग के पास कम पहुंचती थी। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर विभाग सीधे कार्रवाई कर रहा है। 10 दिनों के भीतर ईओडब्ल्यू ने दूसरी कार्रवाई की हैं। इससे पहले नगर निगम जबलपुर के एक लिपिक को विभागीय अमले ने रिश्वत लेते पकड़ा था।
फिलहाल आरोपित सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही हैं। कार्रवाई में ईओडब्ल्यू जबलपुर की निरीक्षक प्रेरणा पांडेय, भूमेश्वरी चौहान के अलावा स्टाफ में सगीर, अभिनव, नदीम, कय्यूम इत्यादि शामिल रहे।