Seoni News नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। वनोपज पर मौसम की मार का असर दिख रहा है। रुक-रुककर हो रही बारिश से तेंदूपत्ता फसल प्रभावित होने के आसार बन रहे हैं। इससे संग्राहकों को वनोपज से मिलने वाले मुनाफे में कमी आएगी। जिले के जंगल में बड़ी मात्रा में तेंदुपत्ता की पैदावार होता है। 15-20 मार्च तक वन विभाग द्वारा शाख कतरन कार्य कराया गया है। खुले मौसम व तेज धूप पड़ने पर शाख कतरन के 45 दिनों बाद तेंदूपत्ता तैयार होता है। लेकिन जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और तापमान में आई गिरावट से तेंदूपत्ता उपज प्रभावित हाे सकती है।
संग्राहकों ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज धूप तपेगी तभी जंगल में अच्छा तेंदूपत्ता तैयार होगा। सामान्य तौर पर एक मई से तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य प्रारंभ हो जाता है। मौसम की बेरुखी के कारण पिछले साल लक्ष्य से आधा तेंदूपत्ता एकत्रित नहीं हो सका था। दक्षिण वनमंडल की 24 समितियों को 31 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य मिला था। मात्र 13 हजार 644 मानक बोरा तेंदूपत्ता एकत्रित हुआ था। उत्तर वनमंडल में 33 हजार 600 मानक बोरा लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 14 हजार 523 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हो सका था।
तापमान में बढ़ोत्तरी और भीषण गर्मी पड़ने पर जंगल में अच्छा तेंदूपत्ता तैयार होता है। लेकिन वर्तमान में बारिश के चलते तेंदूपत्ता में माता रोग, चेचक दाग लगने के साथ पत्ता खराब होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं तापमान में गिरावट के चलते पैदावार में भी कमी आएगी। एक मई के बाद मौसम को देखते हुए तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य शुरू किया जाएगा। जिले की 42 समितियां तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य करेगी। दक्षिण वन मंडल में 74 हजार 592 संग्राहक तेंदूपत्ता तोड़ने, सुखाने और गड्डी बनाने का कार्य करते हैं। वहीं उत्तर वन मंडल में 30 हजार से ज्यादा संग्राहक परिवार की आय तेंदूपत्ता पर निर्भर है, जिससे उनका साल भर का खर्चा चलता है।
जंगल के आसपास बसे आदिवासी परिवारों की आजीविका वनोपज पर आश्रित है। तेंदूपत्ता तैयार होने का हर साल संग्राहकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। तेंदूपत्ता तुड़ाई और इससे मिलने वाली बोनस राशि से संग्राहक अपना गुजर बसर करते हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की मजदूरी में इजाफा करते हुए इस साल सरकार ने एक हजार रुपये की बढ़ोतरी करते हुए प्रत्येक मानक बोरा पर 4 हजार रुपये की थी। दी जाएगी। पिछले साल तक संग्राहकों को एक मानक बोरा पर 3 हजार रुपये मिलता था। दक्षिण वनमंडल में 401 फड और उत्तर वनमंडल के 396 फड में तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य होता है। पिछले साल हुए तेंदुपत्ता संग्रहण की बोनस राशि अभी संग्राहकों को मिलना बाकी है।
तेंदूपत्ता तैयार होने से पहले वन क्षेत्रों के आदिवासी परिवार व वन समितियों से जुड़े संग्राहक महुआ एकत्रित कर रहे हैं। बीते दिनों तेज आंधी व बारिश का असर महुआ के फूल पर भी दिख रहा है। सरकार ने 35 रुपये प्रति किलो महुआ का समर्थन मूल्य निर्धारित कर रखा है। इसके अलावा वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवाराें द्वारा हर्रा, बहेड़ा, आंवला, चारबीजी, बेल सहित दूसरी वन उपज एकत्रित की जाती है।
वर्षा के असर से तेंदुपत्ता की पैदावार प्रभावित हो सकती है। मौसम खुलेगा तो पैदावार बढ़ेगी। बीते साल लक्ष्य से कम तेंदुपत्ता संग्रहण हुआ था, बोनस का वितरण होना अभी बाकी है। जिले के जंगल में तेंदुपत्ता शाख कतरन का कार्य हो चुका है। एक मई के बाद तेंदुपत्ता तुड़ाई का कार्य प्रारंभ होगा। -शिव सिंह उद्दे, मुख्य वनसंरक्षक सिवनी