तीन माह की प्रतीक्षा समाप्त, आज से पेंच टाइगर रिजर्व में सैर-सपाटा करेंगे पर्यटक
मध्य प्रदेश के सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व पहले दिन से ही फुल रहेगा। पर्यटकों ने पेंच के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के दीदार के लिए पहले ही बुकिंग ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 01 Oct 2024 12:25:43 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Oct 2024 12:25:43 PM (IST)
पेंच एक साथ दिखाई दिए थे।ब्लैक व सामान्य तेंदुए।HighLights
- हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों पहुंचते हैं।
- पूर्ण इको सिस्टम पर्यावरण विदों को आकर्षित करता है।
- 1300 से अधिक पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं।
नईदुनिया, सिवनी (Seoni News)। तीन माह की प्रतिक्षा के बाद प्रकृति व वन्यजीवन को करीब से देखने वाले पर्यटकों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गेट मंगलवार से खुल रहे हैं। प्रबंधन ने पार्क के रास्तों को ठीक कर दिया है।साथ ही वर्षा में बहे पुल-पुलिया आदि का निर्माण भी हो गया है।पर्यटकों को कोई परेशानी न हो इसके लिए भी प्रबंधन ने व्यवस्था बना ली है।
नहीं हुई शुल्क में बढ़ोत्तरी
पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के अनुसार इस बार पार्क में पर्यटकों के प्रवेश के लिए किसी तरह के शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की गई है।इससे पर्यटकों को राहत मिलेगी। कोर एरिया के भीतर जगह-जगह ऊंचाई तक बढ़ गई घास को भी काटा जा रहा है। ज्यादा घास होने से पर्यटकों को बाघ आदि वन्य जीवों के दीदार में अवरोध खड़ा होता है।
पेंच में हैं 123 बाघ
पेंच टाइगर रिजर्व में हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों पहुंचते हैं।सभी बाघ का दीदार करने की तमन्ना लेकर पहुंचते हैं।पेंच में भी बाघों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022 में हुई गणना के अनुसार पेंच में 77 बाघ थे।वहीं 123 बाघ पेंच टाइगर रिजर्व में आते-जाते रहते हैं। बाघ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।इसके अलावा 175 तेंदुआ हैं।
अब पूरे देश में पहचाना जाने लगा
जंगली बिल्ली, भेड़िया, जंगली कुत्ता, शियार, हिरन, चीतल, काला हिरन, नेवला सहित अन्य जीव-जंतू भी यहां मौजूद हैं।पेंच अपनी जैव विविधता के लिए अब पूरे देश में पहचाना जाने लगा है। पार्क बाघों के लिए भले जाना जाता हो लेकिन यह यहां पर जैव विविधता काफी है।
1300 से अधिक पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं
यहां पर 325 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां, 90 स्तनपाई जीव प्रजातियां, 13 प्रकार के उभयचर और अन्य जीव मिलते हैं।125 तिललियों की प्रजातियां के अलावा यहां पर 1300 से अधिक पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं।विविधता पूर्ण इको सिस्टम होने के कारण पार्क पर्यावरण विदों को भी आकर्षित करता है।