
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। जिले में हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों और वन विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आकर एक नर हाथी की मौत के बाद भी हाथियों का मूवमेंट थम नहीं रहा है।
वन विभाग के अनुसार जिले में दो झुंडों में कुल 62 हाथी विचरण कर रहे हैं। 37 हाथियों का एक बड़ा दल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर से आया है, जबकि 25 हाथियों का दूसरा झुंड पश्चिम ब्यौहारी क्षेत्र में सक्रिय है।
अमझोर, जयसिंहनगर, लहरा, खरहरा, मड़ई, मैढ़की, जगमल, अनहरा और नादो सहित कई गांवों में लगातार हाथियों की आवाजाही देखी जा रही है। कहीं वे खेतों में घुसकर फसलें रौंद रहे हैं, तो कहीं कच्चे मकानों के आसपास डेरा जमाए हुए हैं। जंगलों से निकलकर हाथी अब रिहायशी इलाकों और खेतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग को कई प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ रही है। इससे ग्रामीणों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। हाल ही में करंट से हुई मौत के बाद विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
इधर एक नई परेशानी सामने आई है। कई लोग हाथियों के करीब जाकर मोबाइल से फोटो, वीडियो और सेल्फी ले रहे हैं। यह शौक जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि हाथी कभी भी आक्रामक हो सकते हैं। वन विभाग की टीमें गांव-गांव मुनादी कर लोगों को रात में बाहर न निकलने और जंगल की ओर न जाने की समझाइश दे रही हैं।
उत्तर वन मंडलाधिकारी तरुणा वर्मा ने बताया कि 25 हाथियों का स्थानीय दल अमझोर क्षेत्र में है, जबकि 37 हाथियों का दल बांधवगढ़ से आया है। विभाग की टीमें 24 घंटे निगरानी और गश्त कर रही हैं। पपौंध क्षेत्र में फिलहाल हाथियों की मौजूदगी नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और सेल्फी के चक्कर में जान जोखिम में न डालें।