
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। जिले में करंट से एक हाथी की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बांधवगढ़ के जंगलों से 30 जंगली हाथियों का नया झुंड शहडोल की सीमा में पहुंच गया है।
हाथियों की आवाजाही से गोदावल वन परिक्षेत्र के बेड़रा, कोठिया, घोरषा, उफरी और आसपास के गांवों में दहशत है। झुंड ने खेतों में खड़ी धान की फसल रौंद दी और दो झोपड़ियां तोड़ दीं। झुंड में कई बेबी एलीफेंट भी शामिल हैं।
झुंड ने दो दिन पहले रात में बांधवगढ़ की ओर से जिले में प्रवेश किया। रात में ही हाथी रिहायशी इलाकों के पास पहुंच गए। तेंदुआढ गांव के पहाड़ टोला निवासी राहुल कोल और विनोद पटेल के खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई।
कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि गोदावल रेंजर को सूचना देने के बाद भी वन अमला देर से पहुंचा, तब तक हाथी कई एकड़ फसल चौपट कर चुके थे। हालांकि वन विभाग का कहना है कि सूचना मिलते ही कई टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और लगातार निगरानी कर रही हैं।
हाल ही में देवलोंद क्षेत्र में झुंड से बिछड़े एक हाथी की बोरवेल के पास करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। अब नए झुंड के आने से वन विभाग के सामने हाथियों की सुरक्षा और ग्रामीणों की जान-माल बचाने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।
डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए कई टीमें तैनात हैं, आसपास के अधिकारी-कर्मचारी नजर रख रहे हैं, ग्रामीणों से संवाद और मुनादी कर सतर्क रहने व सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।