
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 आशीर्वाद कालोनी में जिला अस्पताल में कार्यरत डाॅक्टर दंपती के घर में आठ साल की बालिका के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। बुधवार शाम बच्ची रोते हुए मोहल्ले में पहुंची और लोगों से मदद की गुहार लगाई।
बालिका ने बताया कि गलती होने पर उसे गर्म चिमटे से जलाते और मारपीट करते हैं। पुलिस के अनुसार, बालिका उत्तर प्रदेश के बांदा की रहने वाली है और उसके माता-पिता नहीं हैं। डाॅक्टर दंपती ने करीब छह माह पहले उसे बांदा से शहडोल लाया था, जहां उसे अपनी छोटी बालिका की देखरेख के नाम पर रखा गया था।
बालिका का आरोप है कि उससे झाड़ू-पोछा और घर का काम कराया जाता था, और गलती होने पर उसे पीटा जाता था। उसने डाक्टर की पत्नी पर गर्म चिमटे और अन्य गर्म वस्तुओं से दागने का आरोप लगाया है। उसकी पीठ पर जलने और चोट के निशान भी हैं।
मोहल्ले वालों ने उसे रोते देख पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और बच्ची को संरक्षण में लेकर थाने लाई। इसके बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कल्याणी वाजपेयी के हवाले कर दिया गया। बुधवार की देर शाम से बालिका बाल कल्याण समिति के संरक्षण में है।
सबसे पहले चाइल्स हेल्प लाइन और पुलिस के डायल 112 में फोन करके जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस के साथ बाल कल्याण समिति सक्रिय हुई और बालिका को अपने संरक्षण में ले लिया। गुरुवार को बालिका के स्वजनों का इंतजार किया जा रहा था और उसका दोबारा मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
कोतवाली प्रभारी राघवेन्द्र तिवारी ने बताया कि बालिका को मेडिकल परीक्षण के लिए दोबारा भेजा गया है। उसके स्वजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है। बालिका को बाल कल्याण समिति के सुरक्षा में रखा गया है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस ने कहा कि जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जिला अस्पताल में पदस्थ डाॅक्टर बीआर प्रजापति से भी पूछताछ की। डाॅक्टर ने बालिका को अपनी पत्नी की रिश्तेदार बताया।
डाॅक्टर ने कहा कि वह घूमने के लिए शहडोल आई है। बालिका डरी हुई है और वह डाॅक्टर के यहां वापस नहीं जाना चाहती है। वहीं, डाॅक्टर और उनके समर्थक प्रयास कर रहे हैं कि बालिका वापस मिल जाए और समझौता हो जाए। बाल कल्याण समिति ने पहली मेडिकल रिपोर्ट पर आशंका जताते हुए दोबारा परीक्षण कराया है और आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।
कल्याणी वाजपेयी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति शहडोल ने कहा कि बालिका के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की गई है। बालिका हमारे संरक्षण में है। स्वजनों को बुलाया गया है और दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पहली रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी और कार्रवाई कराई जाएगी।
यह भी पढ़ें- तीन दशक बाद हुआ 300 रुपये रिश्वत मामले का निराकरण, तत्कालीन पटवारी को हाई कोर्ट से राहत