
नईदुनिया प्रतिनिधि शहडोल। जिले के गोहपारू क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी नंबर.2 निवासी ग्रामीण के ऊपर बाघ के हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई है। यह क्षेत्र घुंघुटी क्षेत्र से लगा हुआ है और यहां पर पिछले कई दिनों से बाघ की मूवमेंट दर्ज की जा रही है।
वन विभाग का अमला यहां लगातार निगरानी कर रहा है। देवरी नंबर दो निवासी सोनशाह यादव पुत्र बुधई यादव उम्र 50 वर्ष पर पटोरी जंगल में बाघ ने हमला किया है जिसका शव बुधवार की सुबह क्षत विक्षत हालत में मिला है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। बताया जा रहा है इस क्षेत्र में कई दिनों से बाघ का मूवमेंट देखा जा रहा है।
सोनशाह यादव की गाय जंगल में चरते चरते गुम हो गई थी। इस गाय को ढूंढने के लिए सोनशाह घने जंगल के बीच घुस गया। साथ में गाय चराने वाले मवेशियों और जंगल में तैनात सुरक्षा गार्ड के मना करने के बाद भी वह अपनी गाय को ढूंढने के लिए इस घने जंगल में चला गया।
जिस समय वह अपनी गाय को ढूंढ रहा था तभी उसके ऊपर वहां पर मौजूद बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले से सोनशाह संभल नहीं पाया और उसके साथी भी दूर थे जिससे वह बाघ का शिकार बन गया।
वन विभाग की टीम जब घटनास्थल पर गई तो वहां पर बाघ के निशान पाए गए। बताया जा रहा है कि बाघ घास पर बैठकर आराम कर रहा था तभी उसने सोनशाह को देखकर उस पर हमला कर दिया।जब सोनशाह देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की गई। बुधवार की सुबह सोनशाह का क्षत विक्षत शव जंगल में मिला।
इस संबंध में वन मंडलाधिकारी दक्षिण श्रद्धा पेंद्रे का कहना है कि लगातार इस क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट देखा जा रहा है। वन विभाग की टीम वीट गार्ड लोगों को लगातार समझा रहे हैं इसके बाबजूद लोग इस तरह से जंगल में बेखौफ जा रहे हैं।
डीएफओ का कहना है कि सोनशाह को भी बीट गार्ड ने जंगल के अंदर जाने से मना किया था पर वह नहीं माना और अकेला चला गया जिसके चलते इस तरह की घटना सामने आई है।
मृतक के परिनों को मुआवजा के तौर पर आठ लाख रुपये वन विभाग की ओर से प्रदान किए जाएंगे इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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