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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: भंडारे या भोज में शामिल हुए प्रत्याशी, तो चुकाना होगा पूरा बिल, चुनाव आयोग खाते में जोड़ेगा पूरा खर्च

चुनाव आयोग के निर्देश के चलते यदि प्रत्याशी किसी भंडारे और लंगर में शामिल होता है, तो इसका खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।

By Bharat MandhanyaEdited By: Bharat Mandhanya
Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 10:06:59 AM (IST)Updated Date: Tue, 09 Apr 2024 10:06:59 AM (IST)
Lok Sabha Election 2024: भंडारे या भोज में शामिल हुए प्रत्याशी, तो चुकाना होगा पूरा बिल, चुनाव आयोग खाते में जोड़ेगा पूरा खर्च
लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कड़े किए नियम

HighLights

  1. भंडारे-लंगर में शामिल होने पर चुनावी व्यय में जुड़ेगा आयोजन का खर्च
  2. निर्वाचन आयोग ने कड़े किए नियम

Lok Sabha Election 2024 नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। साथ ही प्रत्याशियों के खर्च पर भी पैनी निगाह रखी जा रही है। अब एक ऐसा ही नियम प्रत्याशियों के भंडारे और लंगर से भी जुड़ा है। दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक यदि प्रत्‍याशी मतदाताओं से मिलने के लिए किसी सामुदायिक भोज या लंगर में शामिल होता है, तो ऐसे सामाजिक समारोह पर किया गया खर्च अभ्यर्थी के चुनावी खर्च के रूप में माना जाएगा और इसे उसके चुनावी व्यय लेखा में जोड़ा जाएगा।

आयोग ने कहा है कि मतदाताओं से मिलने के लिए आयोजित किए गए ऐसे सामुदायिक भोज के कार्यक्रम भले ही किसी नाम से बुलाए गए हों अथवा खुद प्रत्याशी या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ही क्यों न आयोजित किए गए हों, यदि प्रत्याशी उसमें भाग लेता है तो इस पर होने वाले खर्च को प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा।


यहां लागू नहीं होगा नियम

यह निर्देश धार्मिक समुदायों द्वारा अपने संस्थानों के अंदर प्रथागत तौर पर आयोजित लंगर, भोज या कोई समारोह जैसे शादी, मृत्यु आदि के सामान्य भोज पर लागू नहीं होगा। ऐसे सामुदायिक भोज, लंगर, दावत आदि पर किए गए व्यय को अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में शामिल नहीं किया जाएगा बशर्ते कि अभ्यर्थी उसमें सामान्य आगंतुक के रूप में भाग लेता हो।