
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज कराने पहुंचे मरीज को कथित तौर पर ओपीडी में बंद कर ताला लगा दिया गया।
मरीज घंटों कमरे में कैद रहा और मदद की गुहार लगाता रहा।काफी देर बाद सुरक्षा गार्ड की नजर पड़ी तो ताला खोलकर उसे बाहर निकाला गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अनूपपुर जिले के बिजुरी निवासी मोहम्मद अमजद इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। वह ओपीडी के कमरा नंबर 14 में डाॅक्टर को दिखाने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर ओपीडी में ताला लगा दिया गया और मरीज अंदर ही बंद रह गया।
बताया जा रहा है कि मरीज ने बाहर निकलने के लिए काफी देर तक आवाज लगाई। बंद कमरे में फंसे रहने से उसकी परेशानी बढ़ गई। घंटों इंतजार के बाद गार्ड की नजर पड़ी और उसे बाहर निकाला गया।
बाहर आने पर मरीज ने राहत की सांस ली। अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकाॅर्ड कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
सिविल सर्जन डाॅ. शिल्पी सराफ का कहना है कि ओपीडी में ताला निर्धारित समय पर लगाया जाता है।किसी मरीज बंद नहीं किया जाता है। पता कराती हूं क्या हुआ है।
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