शहडोल में SC छात्रावास के छात्र की उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को छात्र की तबियत इतनी बिगड़ गई कि उसे जिला अस्पताल की पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। यहां जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 24 Aug 2025 10:15:34 PM (IST)Updated Date: Sun, 24 Aug 2025 10:15:34 PM (IST)
SC छात्रावास के छात्र की उपचार के दौरान मौत। (सांकेतिक तस्वीर) नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। संभागीय मुख्यालय के पुलिस लाइन पटेल नगर के पास संचालित सीनियर अनूसूचित जाति छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे कक्षा दसवीं के छात्र राजा प्रजापति पुत्र स्व. मथुरा प्रजापति (15) निवासी बोड़री की बीमारी से उपचार के दौरान मेडिकल कालेज जबलपुर में 23 अगस्त को मौत हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत
जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को छात्र की तबियत इतनी बिगड़ गई कि उसे जिला अस्पताल की पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। यहां जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जबलपुर मेडिकल कालेज रेफर किया गया और वहां मौत हो गई। छात्र को बुखार आ रहा था इसके बाद उसे निमोनिया हो गया, हालत ऐसी बिगड़ी की डॉक्टर भी नहीं बचा पाए।
समय पर उपचार नहीं मिलने पर हुई मौत
स्वजनों का अरोप है कि यहां के अधीक्षक रमेश द्विवेदी ने छात्र के समय पर उपचार नहीं दिलाया और जब उसकी हालत बिगड़ गई तब अस्पताल लेकर गए हैं। यहां छात्रों ने भी बताया कि राजा को कई दिन से बुखार आ रहा था और उसने बताया भी लेकिन उसे हल्के से लिया और जब हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल लेकर गए जिसके कारण मौत हो गई है। मृतक के माता-पिता दोनों इस दुनिया में नहीं है। एक बहन है और दोनों-भाई बहन चाचा-चाची के संरक्षण में पल रहे थे।
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छात्र के चाचा ने कहा- कहीं न कहीं लापरवाही हुई है
चाचा पप्पू प्रजापति ने बताया कि जब अस्पताल में भर्ती किए हैं, तब सूचना दी गई है। अचानक इतनी जल्दी तबियत कैसे बिगड़ सकती है। कहीं न कहीं लापरवाही हुई है, जिसके कारण भतीजे की जान चली गई है। छात्रावास में यदि समय पर ध्यान दे दिया गया होता तो शायद जान नहीं जाती।
वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी एसबीएस चंदेल ने बताया कि बच्चे की मौत बीमारी से हुई है। कलेक्टर और सहायक आयुक्त की जानकारी में भी मामला है। जिला अस्पताल में उपचार दिलाया गया और हालात में सुधार नहीं हो रहा था जो जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, वहां मृत्यु हो गई है। हमें बच्चे की मौत का बहुत दुख है। यदि लापरवाही हुई है तो हम हॉस्टल में जाकर जांच कराएंगे।