• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शहडोल

शहडोल मेडिकल काॅलेज में व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिली, पीठ पर ही मरीज को लेकर जाना पड़ा

अस्पताल प्रबंधन से प्रवेश द्वार और एंबुलेंस पहुंचने के स्थान पर पर्याप्त व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध कराने तथा मरीजों की मदद के लिए कर्मचारियों की तै...और पढ़ें

By Vinod ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 10:56:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 10:56:02 PM (IST)
शहडोल मेडिकल काॅलेज में व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिली, पीठ पर ही मरीज को लेकर जाना पड़ा
शहडोल मेडिकल काॅलेज में व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिली तो मरीज को पीठ के सहारे ले जाता स्वजन। सौजन्‍य वीडियोग्रैब

HighLights

  1. बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत सामने आई
  2. मरीजों को अस्पताल के भीतर ले जाने में परेशानी होती है
  3. असमर्थ लोगों के लिए इनकी जरूरत अधिक होती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल । संभागीय मुख्यालय स्थित मेडिकल काॅलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत सामने आई है। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने से स्‍वजन पीठ पर ही मरीज को अंदर ले गया।

वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया

किसी अन्‍य व्‍यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह एक दिन की नहीं हमेशा की समस्‍या है। मरीजों को अस्पताल के भीतर ले जाने में परेशानी होती है।

कंधों पर उठाकर अंदर ले जाने को मजबूर

परिजन मरीजों को सहारा देकर या कंधों पर उठाकर अंदर ले जाने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत नौगमा, शहडोल निवासी देवलाल यादव पुत्र महेश यादव 35 वर्ष, को उपचार के लिए मेडिकल काॅलेज लाया गया।

अंदर ले जाने के लिए कोई व्‍यवस्‍था नहीं

आरोप है कि उन्हें अंदर ले जाने के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिला। स्वजनों को सहारा देकर उन्हें अस्पताल के भीतर ले जाना पड़ा, ताकि डाॅक्टर से जांच कराई जा सके और जरूरत पड़ने पर भर्ती कराया जा सके।

उपचार पर बड़ी धनराशि खर्च करता है शासन

लोगों का कहना है कि अस्पताल के संचालन और मरीजों के उपचार पर शासन बड़ी धनराशि खर्च करता है। इसके बावजूद व्हीलचेयर और स्ट्रेचर जैसी जरूरी सुविधाएं न मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

असमर्थ लोगों के लिए इनकी जरूरत अधिक होती

गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए इनकी जरूरत अधिक होती है। अस्पताल प्रबंधन से प्रवेश द्वार और एंबुलेंस पहुंचने के स्थान पर पर्याप्त व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध कराने तथा मरीजों की मदद के लिए कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।


यह भी पढ़ें- जबलपुर कलेक्टर का अधिकारियों को निर्देश, ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद करने से पहले उपभोक्ताओं को सूचना दें