
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का नरेंद्र सिंह मरावी के साथ तलाक हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय ने दोनों की आपसी सहमति से 3 सितंबर 2026 को हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13-बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। दोनों की शादी 23 नवंबर 2017 को हिंदू रीति-रिवाज से राजेंद्रग्राम में हुई थी। शादी के करीब 9 साल बाद तलाक हुआ है।
कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के मुताबिक शादी के बाद दोनों राजेंद्रग्राम में साथ रहे। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगे। विवाद बढ़ने पर मिलना-जुलना बंद हो गया और वे 5 मई 2021 से अलग रहने लगे।
हिमाद्री की ओर से कोर्ट में कहा गया कि दोनों के बीच अब साथ रहने की कोई संभावना नहीं है और वैवाहिक दाम्पत्य जीवन समाप्त हो चुका है। दोनों ने विवाह विच्छेद के लिए सहमति जताई। दस्तावेज में एक-दूसरे पर कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया। कहा गया कि वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से चलना संभव नहीं है।
कोर्ट के सामने रखा गया कि बेटी गिरिशा सिंह हिमाद्री के साथ रह रही है। उसके पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और वैवाहिक खर्च की जिम्मेदारी हिमाद्री सिंह की होगी। हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेंद्र सिंह मरावी से भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगने की बात कही। दोनों पक्षों ने कहा कि विवाह से जुड़े गिफ्ट्स और जेवरात को लेकर कोई विवाद नहीं है।
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कोर्ट ने दोनों को फैसला बदलने और फिर से साथ आने के लिए छह महीने का समय दिया था। पुनर्मिलाप की कोशिश की गई, लेकिन सफल नहीं हुई। अवधि पूरी होने के बाद भी दोनों ने बताया कि पति-पत्नी के रूप में साथ रहना संभव नहीं है और वे अपनी इच्छा से तलाक चाहते हैं। इसके बाद न्यायालय ने माना कि दाम्पत्य जीवन निभाना संभव नहीं है और तलाक की डिक्री पारित कर दी।