
नईदुनिया प्रतिनिधि, अमलाई। टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को मुक्त करने की मांग को लेकर पीएमयूएमएस शिक्षक संघ शहडोल ने भठिया स्थित सिंहवाहिनी माता मंदिर में विशेष प्रार्थना की और अर्जी लगाई। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।
प्रांतीय आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और शिक्षक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर सिंहवाहिनी माता के समक्ष टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने सहित अपनी मांगों को लेकर अर्जी लगाई और शासन से न्यायपूर्ण निर्णय की कामना की।
पीएमयूएमएस शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष शारदा प्रसाद सिंह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव, सेवा अवधि एवं शैक्षणिक योग्यता को ध्यान में रखते हुए उन्हें टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने अन्य प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने, केंद्र के समान वेतनमान, वास्तविक नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की गणना, नियुक्ति के पहले दिन से शत-प्रतिशत वेतनमान और परिवीक्षा अवधि को दो वर्ष करने की मांग भी की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को संगठन से जुड़ने, पंजीयन कराने और शिक्षक हित के मुद्दों पर सहयोग करने की जानकारी दी गई।
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शिक्षकों ने शांतिपूर्ण तरीके से माध्यमिक शाला से न्याय यात्रा प्रारंभ कर भठिया स्थित सिंहवाहिनी माता मंदिर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में अर्जी लगाई। जिला प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों और न्यायसंगत मांगों को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान संगठन के जिला प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा सहित शेषमणि सिंह, शारदा प्रसाद सिंह, रमेश कुमार कुशवाहा, सचिव नागेंद्र कुमार पांडेय, और अन्य प्रमुख शिक्षकों ने भाग लिया। अंत में शिक्षकों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए कहा कि शिक्षक हित की मांगों को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।