
नईदुनिया प्रतिनिधि, आगर-मालवा : एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव अंकुश भटनागर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान आगर में मतदाता सूची से एक ही परिवार के पांच सदस्यों के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की बात कही है। भटनागर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया जा रहा है।
भटनागर के अनुसार, आगर निवासी शेर बहादुर सोनी, उनकी पत्नी सरस्वती सोनी, बेटे कमल सोनी और मोहन सोनी तथा बहू पार्वती सोनी के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उनका दावा है कि सोनी परिवार लंबे समय से आगर में निवास कर रहा है और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रपत्र भरने के साथ वर्ष 2003 से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में नहीं रहे।
भटनागर ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत मांगे गए दस्तावेजों में से सोनी परिवार ने 10 दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। बाद में परिवार के सदस्य जब नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 जमा करने पहुंचे तो शुरुआत में बीएलओ द्वारा फार्म लेने से इन्कार किए जाने की बात सामने आई। भटनागर के मुताबिक, इस मामले में मुख्य निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत की गई। इसके बाद बीएलओ ने फार्म-6 जमा किया। एसडीएम कमल मंडलोई ने बताया कि जिनके नाम एसआइआर में कट गए हैं, उनकी नियमानुसार सूची उपलब्ध हो जाएगी। फार्म-6 के साथ नाम जुड़ जाएंगे। मैं बीएलओ को बोल देता हूं, जिनके भी नाम छूटे हैं, वे जुड़ेंगे। जो 18 साल से ऊपर के हैं उनके भी नाम जोड़ने जाएंगे।