
नईदुनिया न्यूज, आगर मालवा/ सुसनेर : नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की और परिषद पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहा। यहां की अध्यक्ष लक्ष्मी सिसौदिया पर लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था। जिसे राज्य शासन द्वारा स्वीकार किए जाने पर उप चुनाव हुए।
शनिवार को सुबह से ही मतगणना स्थल पर कांग्रेस भाजपा के पदाधिकारी, प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं की भीड़ लग गई थी। मतगणना स्थल पर सुरक्षा के भी चाक चौबंद इंतजाम किए गए। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे समय अलर्ट रहे। मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए।
जिसमें भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी ने कांग्रेस के विष्णु पाटीदार को 960 मतों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। प्रदीप सोनी को पांच हजार 663 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु पाटीदार को चार हजार 703 मत प्राप्त हुए। वहीं 149 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। निर्वाचन परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया।
नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए कुल 13 हजार 843 मतदाता दर्ज हैं। जिनमें से 10 हजार 515 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा द्वारा पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण था। भाजपा की ओर से जहां मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के विश्वनीय विधायक और पार्टी पदाधिकारी चुनाव संचालन का काम देख रहे थे। वहीं कांग्रेस की तरफ से भी पूरी ताकत झोंकी गई थी।
विजयी भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी की जीत पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्हें और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी को विजयश्री प्राप्त करने पर शुभकामनाएं। उन्होंने सुसनेर की जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों को जीत का श्रेय दिया।
उपचुनाव के परिणाम को लेकर सुबह से ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्सुकता रही। मतगणना स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा समर्थकों ने खुशी जताई।
भाजपा से नगर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं लक्ष्मी राहुल सिसौदिया पर लोकायुक्त में केस दर्ज होने के बाद इस्तीफा दिया था। जिले राज्य शासन ने 19 फरवरी 2026 को स्वीकार कर लिया था। इसके पार्षद प्रदीप सोनी को राज्य शासन ने कार्यकारी अध्यक्ष मनोनित किया था। कलेक्टर द्वारा चुनाव की तारीख घोषित नही किए जाने को लेकर कुछ पार्षदों ने न्यायालय की शरण ली थी।जिस पर न्यायालय ने 45 दिन में चुनाव कराने के निर्देश राज्य शासन को दिए थे।
मतगणना संपन्न होने के बाद निर्वाचन घोषणा पक्ष रिटर्निंग आफिसर (पंचायत) द्वारा जारी किया गया। इस पत्र पर करीब एक माह पुरानी आठ अगस्त 2026 तारीख दर्ज है। जिसे लेकर चर्चाओं का दौर रहा। पत्र इंटरनेट मीडिया पर भी बहुप्रसारित हुआ। पुरानी तारीख को लेकर रिटर्निंग आफिसर (पंचायत) देवकुंवर सोंलकी ने कहा कि त्रुटीवश पुरानी तारीख अंकित हो गई थी। संज्ञान में आने के बाद सुधार कर दिया गया।