
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। शहर में हर तरफ दीपावली का उत्साह है, रंग-रोगन और विद्युत सज्जा से घर, दुकानें, देवालय दमक रहे हैं। ऐसे में ही रुप चौदस पर शहर में शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। शहर के गरासिया घाट क्षेत्र में कुत्ते एक नवजात के शव को मुंह में दबाकर भाग रहे थे। लोगों ने कुत्तों को पत्थर मारकर जैसे-तैसे शव को कुत्तों से छुड़ाया। पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने शव अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली थाना प्रभारी नवीन विलावलिया ने बताया कि संभवत श्मशान में दफनाए हुए नवजात के शव को कुत्ते खोदकर निकाल लाए। शनिवार सुबह करीब पौने नौ बजे डायल-112 पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिस पर डायल-112 टीम और पुलिस मौके पर पहुंची थी। फिलहाल यह जानकारी नही लगी है कि नवजात किसका है, शव की स्थिति को देखकर लग रहा है कि वह कुछ दिन पुराना है।
बहरहाल सरेआम कुत्तों द्वारा नवजात का शव नौंचे जाने से मानवता शर्मसार हुई है। त्योहार पर सामने आई इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर दिया है। सड़क किनारे पड़ा रहा शवशहर के हाट मैदान गरासिया घाट क्षेत्र में लोगों द्वारा कुत्तों के कब्जे से शव छुड़ा लेने के बाद पुलिस के आने और पड़ताल के दौरान शव सड़क किनारे ही पड़ा रहा।
शनिवार दोपहर तक शव का पोस्टमार्टम नही हो सका था। न ही यह पचा चला कि नवजात किस परिवार का था उसे कब दफनाया गया। उसकी मौत कब हुई। आखिर कुत्ते कैसे शव को लेकर आए। पुलिस का अनुमान सही माने कि श्मशान से कुत्ते शव निकालकर ले आए। तो यह घटना दफनाए जाने वाले शवों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
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पुलिस ने जो शव बरमाद किया है। उसमें एक हाथ और एक पैर गायब है। पुलिस का कहना है कि कुत्तों ने शव की यह हालात की है। जो गंभीर बात है। अब तक कुत्ते लोगों पर हमला करके घायल कर रहे थे। किंतु अब वह दफनाए हुए शव भी निकालकर खा रहे हैं। शहर में कुत्तों का आंतक है, सैकड़ों की संख्या में शहर में कुत्ते हैं। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च करके कुत्तों की नसबंदी कराई किंतु कोई राहत नही मिली। प्रतिपक्ष ने अभियान में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगा। कहा कि सिर्फ कागजों में नसबंदी कर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया।