
नईदुनिया न्यूज, आगर-मालवा। कृषि उपज मंडी में फसल बेचने पहुंचे किसानों ने शनिवार को नकद भुगतान की मांग को लेकर छावनी नाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। किसानों के सड़क पर बैठने से हाईवे पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी।
किसानों का कहना था कि मंडी में फसल बेचने के बाद उन्हें नकद भुगतान नहीं किया जा रहा है। व्यापारियों की ओर से बैंक पासबुक लाने और भुगतान की राशि खाते में ट्रांसफर करने की बात कही जा रही है। किसानों ने तत्काल नकद भुगतान की मांग को लेकर नाराजगी जताई।
किसानों ने बताया कि फसल बेचने के बाद उन्हें खेती-किसानी सहित अन्य जरूरी खर्चों के लिए तत्काल राशि की आवश्यकता रहती है। बैंक खाते में राशि आने के बाद उसे निकालने में अतिरिक्त समय लगने के साथ उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी मांग को लेकर किसान मंडी से बाहर निकलकर छावनी नाका चौराहे पर एकत्र हो गए और चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण छावनी नाका चौराहे से गुजरने वाले हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहने से वाहन चालकों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम कमल मंडलोई और एसडीओपी नीलम बघेल ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्या जानी। अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देते हुए उनकी मांग के संबंध में व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि दोपहर 2 बजे तक नगद भुगतान की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसानों की नाराजगी से मंडी में फसल भुगतान की व्यवस्था को लेकर सामने आई समस्या चर्चा में रही।
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