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शाजापुर में पुलिस गश्त पर तकनीकी नजर रख रहा ‘प्रहरी’, अपराधों पर लगाम लगाने में मिलेगी मदद

सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिए पुलिस की रात्रिगश्त को प्रभावी बनाने जिले में पुलिसकर्मियों पर प्रहरी ऐप से तकनीकी नजर रखी जा रही है। गश्त व्यवस्था को...और पढ़ें

By Mohit VyasEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 10:46:56 AM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 10:46:56 AM (IST)
शाजापुर में पुलिस गश्त पर तकनीकी नजर रख रहा ‘प्रहरी’, अपराधों पर लगाम लगाने में मिलेगी मदद
एप्लीकेशन के माध्यम से गश्त टीम का जायजा लेतीं एसपी प्रियंका शुक्ला। -नईदुनिया

HighLights

  1. एप के माध्यम से निगरानी, सुस्ती पर कार्रवाई
  2. दूरस्थ थाना क्षेत्रों में भी मॉनिटरिंग हुई आसान
  3. लापरवाही पर संबंधितों से स्पष्टीकरण लिए जा रहे हैं

मोहित व्यास, नईदुनिया, शाजापुर : सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिए पुलिस की रात्रिगश्त को प्रभावी बनाने जिले में पुलिसकर्मियों पर प्रहरी ऐप से तकनीकी नजर रखी जा रही है। गश्त व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस द्वारा एप्लीकेशन तैयार कराई गई है। गश्त शुरू करने के पहले पुलिसकर्मियों को यह एप्लीकेशन चालू करनी होती है। इसी से उनकी ड्यूटी पर मौजूदगी दर्ज होती है। साथ ही कंट्रोल रूम पर एप्लीकेशन की गतिविधियों पर निगरानी हो रही है।

एप्लीकेशन के माध्यम से अफसर जिलेभर में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर नजर रख रहे हैं, जिससे गश्त के दौरान लापरवाही करना मुश्किल हो रहा है। दरअसल पूर्व में सामने आ चुका है कि गश्त के दौरान पुलिसकर्मी मनमानी और लापरवाही करते थे।


लापरवाही पर संबंधितों से स्पष्टीकरण लिए जा रहे हैं

इसमें सुधार के लिए कुछ वर्ष पहले जिला मुख्यालय पर लगे सरकारी सीसीटीवी के सामने आकर पुलिसकर्मियों को अपनी लोकेशन देनी होती थी। किंतु अब इसे और बेहतर कर हर पुलिसकर्मी पर तकनीक के माध्यम से नजर रखी जा रही है। ऐसे में एक ही स्थान पर लंबे समय तक बैठकर या अपनी गलत लोकेशन देकर ड्यूटी पूरी करना संभव नहीं है। पुलिसकर्मियों को गश्त के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना ही होता है और ऐप के माध्यम से उस पर नजर रहती है। लापरवाही पर संबंधितों से स्पष्टीकरण लिए जा रहे हैं।

एसपी शुक्ला ने की पहल

गश्त व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एसपी प्रियंका शुक्ला ने तकनीक का सहारा लिया। नई पहल करते हुए एप्लीकेशन तैयार कराया। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों की क्षेत्र में मौजूदगी सुनिश्चित हो रही है।

साथ ही संवेदनशील स्थानों के आसपास से गश्त में लगे पुलिसकर्मियों को होकर गुजरना अनिवार्य है। इन दिनों नवरात्रि चल रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को गरबा स्थल की निगरानी का जिम्मा दिया गया है। पुलिसकर्मी गरबा में गए या नहीं यह ऐप के माध्यम से अफसर देख सकते हैं।

लगातार चोरी से उठे थे गश्त पर सवाल

उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ बड़े मामलों का तो अब तक राजफाश भी नहीं हो सका है। जिनमें शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के आदर्श नवीन नगर में सहकारिता कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष लखन कुंभकार के घर व शाजापुर में ही चार निजी स्कूलों में हुई चोरी भी शामिल हैं। लगातार वारदात के बाद गश्त व्यवस्था को प्रभावी बनाने में एसपी की यह पहल काफी कारगर हो रही है। उन्होंने वारदातों पर नियंत्रण के लिए जमीनी कवायद के साथ ही तकनीक का उपयोग भी किया है।

ऐप से निगरानी के ये लाभ

  • रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग : एप्लीकेशन से थानों और कंट्रोल रूम में बैठे वरिष्ठ अधिकारी रात में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की लाइव लोकेशन ट्रैक कर पा रहे हैं, जिससे पुलिसकर्मी ड्यूटी लोकेशन से गायब नहीं हो सकता।
  • संवेदनशील स्थानों पर मौजूदगी : ऐप जीपीएस आधारित होने से चिह्नित संवेदनशील इलाकों, सूनी सड़कों और एटीएम के पास से पुलिस टीम को गुजरना ही पड़ता है।
  • त्वरित कार्रवाई में मददगार : गश्त के दौरान पुलिस को कोई संदिग्ध व्यक्ति या घटना दिखती है, तो वे ऐप के माध्यम से तुरंत फोटो/लोकेशन मुख्यालय भेज सकते हैं, जिससे उन्हें मदद के साथ घेराबंदी आसान हो जाती है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही : ऐप स्वचालित रूप से यह रिकॉर्ड कर लेता है कि पुलिस की गाड़ी ने रात में कितने किलोमीटर गश्त की और कौन-कौन से प्वाइंट्स कवर किए। इससे हाजिरी या गश्त की झूठी रिपोर्ट बनाने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
  • महिला सुरक्षा में सुधार : रात में ड्यूटी करने वाली या देर से घर लौटने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐप के माध्यम से हॉटस्पॉट एरिया (असुरक्षित जगहों) पर गश्त बढ़ा दी गई है। अफसरों का दावा है कि इससे देर रात सफर करने वाली महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

अच्छे परिणाम मिले हैं

गश्त व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विशेष एप्लीकेशन तैयार कराई गई है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ऐप की गतिविधियों पर लगातार कंट्रोल रूम व अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाती है, जिससे गश्त में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। ऐप की मॉनिटरिंग में जिन पुलिसकर्मियों का कार्य उत्कृष्ट पाया जा रहा है, उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं जो लापरवाही कर रहे हैं, उन्हें समझाइश दी जा रही है। आगे कार्रवाई भी की जाएगी। - प्रियंका शुक्ला, एसपी शाजापुर

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