
निकुंज माहेश्वरी, नईदुनिया, नलखेड़ा (आगर मालवा) : शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को मां बगलामुखी का स्वर्ण श्रृंगार किया गया। प्रातः कालीन व संध्याकालीन आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए तथा दर्शनार्थियों की मंदिर परिसर में लंबी-लंबी कतार लगी रही।
देश प्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने शक्ति की आराधना की और मत्था टेका। मंत्रोच्चार की मंगल ध्वनियों के बीच मंदिर परिसर में साधक, उपासक हवन अनुष्ठान, जप तप करते हुए दिखाई दिए। इधर मां बगलामुखी को 56 प्रकार के पकवानों का भोग लगाया गया। प्रशासन द्वारा भी श्रद्धालुओं को भीड़ को लेकर चुपके चुपके पर नजर बनाए रखी। मां बगलामुखी मंदिर परिसर में पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के द्वारा पुलिस चौकी का शुभारंभ किया गया।

नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी के स्वर्ण शृंगार का दर्शन करने लगने लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार। -नईदुनिया
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र मंदिर में तंत्र साधना के साथ ही कई तरह के हवन यज्ञ ऐसे अनुष्ठान होते हैं। यहां शत्रु को नाश चुनाव मे जीत और कोर्ट केस के निपटारे के लिए विशेष पूजन होता है।
मंदिर के पीछे लखुंदर नदी के किनारे व चारों ओर से श्मशान हैं। यहां तंत्र साधना के लिए भी देशभर से तांत्रिक आते हैं। भगवान कृष्ण कहने पर कौरवों पर विजय प्राप्त करने के लिए पांडवों ने मां बगलामुखी की साधना की थी। मां की आराधना साधना का आनंद गुना फल की प्राप्ति होती है। मंदिर श्रद्धालु के साथ-साथ तीर्थाटन के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। माता मंदिर पर माता जी को पीली वस्तु (पीली मिठाई पीली, पीली हल्दी की माला) चढ़ाई जाती है। मान्यता है की माता जी को पीला रंग सामग्रीअति प्रिय है।
मंदिर महाभारत कालीन बगलामुखी के वर्णन काली पुराण में भी मिलता है नया वर्ष की दोनों शारदीय चैत्र नवरात्रि में मंदिर में विशेष महत्व रहता है। मां बगलामुखी माता का मंदिर तीन स्थानों पर स्थित है जो भारत में ऐतिहासिक मंदिर में माने जाते हैं जो क्रमशः दतिया (मध्य प्रदेश) में कांगड़ा (हिमाचल) में एवं नलखेड़ा आगर मालवा जिले के (मध्य प्रदेश) में स्थित है।
मंदिर पत्थर की नक्श काशी से सुसज्जित है। माता मंदिर के सामने सालों पुरानी दीप मलिक बनी हुई है। यह ऐतिहासिक पुराना मंदिर बना हुआ है। यहां विशेष पर्व पर यह दीप मलिक पर दीप लगाए जाते हैं जो विशेष अवसरों पर जगमगाता है।
मंदिर में कई देवी-देवताओं का वास है। अहाते में स्थित काल भैरव की चमत्कारी मूर्ति स्थापित है, जो उज्जैन स्थित काल भैरव के समान मद्यपान करते हैं। मंदिर के अहाते में ही वीर हनुमान, राधाकृष्ण व महाकाल मंदिर भी स्थित है। सिद्धपीठ मां बगलामुखी नलखेड़ा इतिहास के झरोखे में दीप स्तंभ उज्जैन स्थित मां हरसिद्धि मूर्ति के सम्मुख निर्मित है।