
नईदुनिया न्यूज, आगर मालवा/नलखेड़ा। मां बगलामुखी मंदिर में 18 सितंबर की रात मंदिर के मुख्य द्वार के पास बारिशके पानी से ऊफनते बिना रैलिंग वाले नाले में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई थी, जिससे उसमें सवार सात श्रद्धालु और कार ड्राइवर की मौत हो गई थी।
श्रद्धालु मां बगलामुखी के दर्शन और निजी हवन शाला में हवन करने के बाद उज्जैन जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हादसे के करीब एक सप्ताह बाद हवन कराने वाले पंडित ने चुप्पी तोड़ी और वीडियो जारी कर उस रात की पूरी कहानी बताई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायल हो रहा है।
वीडियो में पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि हादसे के शिकार हुए श्रद्धालुओं का हवन उन्हीं ने कराया था। हवन रात्रि करीब 8.45 बजे हवन शुरू हुआ, जो करीब 11.30 बजे तक चला। हवन समाप्त होने के बाद यजमान वहां से रवाना हुए थे। उन्होंने बताया कि यजमान को पूर्व में भी ऑनलाइन माध्यम से उन्ही श्रद्धालुओं का हवन करा चुके हैं।
मनोकामनना पूर्ण होने पर वे मंदिर आए और दर्शन के बाद हवन किया था। बताया कि यजमानों के रवाना होने के समय बारिश हो रही थी। उन्होंने रात नलखेड़ा में ही रुकने को कहा था किंतु यजमान नही माने। बोले कि उज्जैन में होटल में कमरा बुक है और वहीं लगैज रखा है। इसलिए वह जाएंगे।
पंडित शर्मा ने वीडियो में बताया कि उन्होंने ड्राइवर से भी कहा था कि मौसम खराब है, ऐसे में अभी रवाना नहीं होना चाहिए। ड्राइवर ने जवाब दिया कि वह इस रास्ते पर लगातार आता-जाता रहता है और उसने रास्ते को अच्छी तरह से देख रखा है। उन्होंने वैकल्पिक रास्ता भी बताया था। बावजूद कार मंदिर के मुख्य द्वार के सामने उफनती नदी वाले रास्ते से ही गए।