
शाजापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शाजापुर नगर पालिका चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस में देश विरोधी नारे लगाए जाने के मामले में पुलिस ने वार्ड 12 से निर्वाचित पार्षद समीउल्ला खान को रविवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार देर रात पार्षद खान सहित अन्य पर धारा-153-बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाले भाषण देना या लांछन लगाना) और 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
प्रकरण दर्ज होने की जानकारी लगने पर रविवार सुबह 12 बजे पार्षद समीउल्ला खान समर्थक और अभिभाषकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे थे। यहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की जानकारी लगने पर समर्थकों में नाराजगी दिखी। हालांकि किसी तरह का विरोध या हंगामा नहीं किया गया। मामले को लेकर पुलिस भी सतर्क थी। करीब आधा दर्जन थानों का बल कोतवाली थाने बुलाया गया था। वहीं वज्र वाहन भी थाने में तैनात किया गया था। मामले में एसपी जगदीश डाबर खुद नजर रखे रहे।
पुलिस के अनुसार मामले में बलवंत पुत्र जगदीश गरासिया निवासी लक्ष्मी नगर शाजापुर द्वारा दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करते हुए शासन की ओर से उप निरीक्षक आजादसिंह चौधरी द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में जुलूस के नेतृत्वकर्ता के रूप में पार्षद को जिम्मेदार मानते हुए पुलिस ने उसे आरोपित बनाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि नारे लगाने वाले की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पार्षद समीउल्ला खान पर कोतवाली थाने में ही चार प्रकरण पहले भी दर्ज हैं, जो शासकीय कार्य में बाधा और बलवा की धाराओं में दर्ज हैं।
पुलिस तैयारी करती रही पार्षद खुद पहुंच गए थाने
शनिवार देर रात प्रकरण दर्ज होने के बाद कोतवाली थाना पुलिस आरोपित नवनिर्वाचित पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर तैयारी कर रही थी। किंतु पुलिस कुछ कर पाती इसके पहले ही पार्षद खुद कोतवाली थाने पहुंच गया। पार्षद के साथ अभिभाषक भी थे। उन्होंने पार्षद का पक्ष रखा, पार्षद ने भी आरोपों को झूठा बताया और जुलूस के दौरान के वीडियो भी पुलिस को दिखाकर कहा कि जुलूस के दौरान किसी तरह के देश विरोध और आपत्तिनजक नारे नही लगे। किंतु पुलिस ने उसकी एक नही सुनी और पार्षद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पार्षद पर कार्रवाई के दौरान थाने पर गहमा-गहमी बनी रही। बड़ी संख्या में पार्षद के समर्थक और समाजजन थाना परिसर में डटे रहे, जिसकी वीडियोग्राफी भी पुलिस द्वारा कराई गई है।
एसडीपीआई ने आरोपों को झूठा बताया
मामले में एसडीपीआई द्वारा प्रेसनोट जारी कर कहा कि पार्षद चुने गए समीउल्ला खान उनकी पार्टी के प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़े। हालांकि तकनीकि कारणों से उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी माना गया। समीउल्ला खान ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की है। जिसे हिंदुवादी संगठन आपसी द्वेष के चलते उनकी जीत को सहजता से स्वीकार नहीं करने के कारण झूठी शिकायत की गई है। एसडीपीआई ने मामले की जांच करने की मांग करते हुए झूठी शिकायत कर वर्ग विशेष के प्रति वैमनस्यता फैलाने को लेकर केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं पार्षद समीउल्ला खान ने कहा कि राजनीतिक द्वेषता के चलते झूठे आरोप लगाकर फंसाया गया है। जुलूस में किसी तरह के आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए गए हैं।