
नईदुनिया प्रतिनिधि, नलखेड़ा (आगर-मालवा) : मां बगलामुखी के दरबार में नवरात्र में श्रद्धालुओं में आम और खास का भेद नही रहेगा। सभी भक्तों को एक ही स्थान से दर्शन का मौका मिलेगा। यहां देशभर से आमजन के साथ वीआईपी दर्शन-हवन के लिए आते हैं।
आम दिनों में वीआईपी को प्रोटोकॉल अनुसार सुविधा दी जाती है, किंतु नवरात्र के दौरान ऐसा नही हो सकेगा। नौ दिनों तक किसी को भी गर्भगृह में जाने की अनुमति नही रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंध समिति तैयारी में जुटी है।
दावा है कि श्रद्धालु चार कतार में पंक्तिबद्ध होकर मंदिर के त्रिशूल मंडपम तक पहुंचेंगे और कितनी भी भीड़ होने पर महज आधा घंटे में श्रद्धालुओं को मां के सुलभ दर्शन होंगे। यहां हवन का विशेष महत्व है, मान्यता है कि यहां हवन करने से शत्रु पर विजय, विवाद आदि की समाप्ति और मनोकामना पूर्ण होती है।
नवरात्र में आमदिनों की तुलना में अधिक हवन होते हैं। श्रद्धालुओं को हवन कुंड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। इससे राहत के लिए इस वर्ष नए हवन कुंड बनाए गए हैं, जिससे अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिल सकेगा।
श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग से बाद सिर्फ 100 मीटर की दूरी तय करनी होगी। वह चार कतार के माध्यम से त्रिशुल मंडपम पहुंचेंगे और मां के दर्शन होंगे। मंदिर के पास पार्किंग स्थल है, यहां क्षमता अनुरूप वाहन खड़े हो जाने पर आसपास के चिह्नित स्थान पर वाहन पार्किंग होगी।
दर्शन के लिए कतार से गुजरने में श्रद्धालुओं को गर्मी-थकान से राहत देने के लिए पेयजल व छांव की सुविधा रहेगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपचार, मदद के लिए चिकित्सा टीम मौजूद रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए मंदिर परिसर में नवरात्रि से पुलिस चौकी भी संचालित होगी।
यह भी पढ़ें- पांडवकालीन है नलखेड़ा में मां बगलामुखी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर