
नईदुनिया न्यूज, गुलाना/सलसलाई। शाजापुर जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का वास्तविक हाल शुक्रवार को उस समय सामने आ गया, जब कलेक्टर ऋजु बाफना बिना पूर्व सूचना के सलसलाई क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बाड़ीगांव और प्राथमिक विद्यालय सलसलाई पहुंच गईं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक करने के बजाय सीधे बच्चों के बीच जाकर फर्श पर बैठना पसंद किया और स्वयं विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता परखने लगीं।
शासकीय प्राथमिक विद्यालय बालक एवं कन्या शाला सलसलाई का निरीक्षण किया। यहां कक्षा 1, 2, 3, 4 के बच्चों की उपस्थिति नहीं पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विद्यालय की 2 शिक्षिकाओं एवं जनशिक्षक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर एक-एक वेतन वृद्धि रोकने एवं उक्त विद्यालय को अन्य भवन में स्थानांतरित कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों से उन्होंने हिंदी पढ़वाई, जोड़-घटाव के सवाल पूछे और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न किए। लेकिन जब कई बच्चे आज की तारीख, वर्तमान महीना, सर्दी किस महीने में पड़ती है और स्कूल किस तारीख को खुले जैसे सामान्य सवालों के जवाब नहीं दे पाए तो कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रधान अध्यापक घासीराम सिसोदिया से पूछा कि आखिर बच्चे इतने कमजोर क्यों हैं और स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम क्यों है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि चौथी-पांचवीं के बच्चों को अभी तक ठीक से हिंदी पढ़ना नहीं आ रहा है तो यह चिंता का विषय है। इसी दौरान उन्होंने प्रधान अध्यापक की शर्ट का खुला बटन देखकर भी अनुशासन का संदेश देते हुए उसे लगाने के लिए कहा।
शिक्षकों द्वारा एक माह में सुधार लाने का आश्वासन दिए जाने पर कलेक्टर ने दो टूक कहा, जब पूरे साल में सुधार नहीं हुआ तो एक महीने में चमत्कार कैसे हो जाएगा? उन्होंने शिक्षकों को नियमित मूल्यांकन, बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान और पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। सलसलाई के बालक एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति और पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
कन्या प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पवित्र मालवीय तथा शिक्षक रामबाबू तिवारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। मेडिकल अवकाश पर चल रही शिक्षिका शारदा रैकवार के मेडिकल दस्तावेजों की जांच कराने के आदेश भी जारी किए गए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गुलाना ग्राम पंचायत के नवीन भवन, अनुविभागीय कार्यालय और तहसील कार्यालय का भी अवलोकन किया। तहसील परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान एसडीएम नेहा गंगारे, तहसीलदार रितेश जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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