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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब किसानों के लिए आफत बनी बारिश... खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न

मध्‍य प्रदेश के श्‍योपुर जिले में लगातार बारिश की वजह से बड़ौदा क्षेत्र के बरखेड़ा, राधापुर, बड़ोदिया जिंसी, ठीकरिया, सोंईकलां क्षेत्र के बगडुआ में खे...और पढ़ें

By Suresh VaishnavEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Thu, 08 Aug 2024 02:14:20 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Aug 2024 02:14:20 PM (IST)
अब किसानों के लिए आफत बनी बारिश... खेतों में पानी भरने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
श्‍योपुर जिले के बगडुआ में खेत में इस तरह भर गया पानी।

HighLights

  1. किसानों की मांग- खेतों से पानी निकासी का इंतजाम हो।
  2. बड़ौदा क्षेत्र के किसानों खेतों में भरा है सबसे ज्यादा पानी।
  3. श्‍योपुर जिले में 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में खरीफ बोवनी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। श्‍योपुर जिले में पिछले चार-पांच दिन से हो रही बारिश के चलते किसानो के खेतों में पानी भर गया है, जिससे खेत तालाब बने हुए हैं। पानी में डूबी धान फसल गलने लगी है। इससे किसानों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों प्रशासन से खेतों में पानी को निकलवाने की मांग कर चुके हैं।

खेतों में लबालब पानी

बता दें कि, जिले में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है। कुछ घंटों के लिए रुकती और फिर चालू हो जाती है। बारिश की वजह से खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है। निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उनकी धान फसल अब गलने लगी है, क्योंकि रोपाई हुए सिर्फ पखवाड़े भर हुआ है। पौधा पूरी तरह से संभल नहीं पाया है और अब गलने लगा है।


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दोबारा रोपना होंगे पौधे

ऐसे में प्रभावित किसानों को अब अपने खेतों में दोबारा धान के पौधों को रोपना पड़ेगा। अगर जल्दी खेतों से पानी निकासी का इंतजाम नहीं हुआ तो पौधे पूरी तरह से गल जाएंगे। जिले में भारी बारिश से जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन की मांग भी रखी है।

धान का रकबा बढ़ा

इस बार जिलेभर में कुल 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोनी का लक्ष्य रखा है। इस साल धान का रकवा तो 45 हजार हेक्टेयर तय किया है, पर यह बढ़कर 55 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। क्योंकि जिले में धान का रकवा लगातार बढ़ रहा है। पहले बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपाई लेट हो गई और जब बारिश हुई और किसानों ने धान की रोपाई की तो अब लगातार हो रही बारिश उनके लिए आफत बन गई है।

पानी की निकासी नहीं

जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण बड़ौदा क्षेत्र के बरखेड़ा, राधापुर, बड़ोदिया जिंसी, ठीकरिया, सोंईकलां क्षेत्र के बगडुआ में पानी की निकासी नहीं होने के चलते सैकड़ों बीघा धान की फसल में पानी भरा हुआ है। खेत तालाब की तरह लबालब हो रहे हैं। इसके अलावा कराहल क्षेत्र में तिल्ली, बाजरा के खेतों पानी भरने से फसलों में नुकसान हुआ है।

अति वर्षा के कारण सैकड़ों बीघा धान की फसल में पानी भरा हुआ है, खेतों में पानी भरे होने के कारण धान की फसल नष्ट होने की कगार पर है। इसलिए प्रशासन को किसानों के खेतों से पानी निकालने का प्रबंध तत्काल करना चाहिए अन्यथा किसान आंदोलन करेंगे। -राधेश्याम मीणा, किसान, नेता श्योपुर