
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से कुछ दिन पहले बाहर निकला चीता राजस्थान पहुंच गया है। चीते ने मंगलवार को राजस्थान के बारां जिले के करौली गांव में एक पशुपालक के मवेशी (पाड़े) का शिकार कर लिया। इसके बाद चीता-मानव द्वंद्व की स्थिति बन गई।
इस दौरान मौके पर पहुंची चीता ट्रैकिंग टीम को ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पीटा। स्थानीय वन विभाग व पुलिस की टीम ने चीता ट्रैकिंग टीम को मुक्त कराया। इस मामले की शिकायत राजस्थान पुलिस से की गई है।
कूनो नेशनल पार्क के मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि यह चीता 25 अक्टूबर को कूनो की सीमा लांघ कर राजस्थान की तरफ चला गया था। उसकी लोकेशन बारां जिले के कैलबाड़ा, शाहबाद इलाके में मिल रही थी। ट्रैकिंग टीम उसके पीछे थी।
मंगलवार को चीता द्वारा मवेशी का शिकार करने की सूचना पर ट्रैकिंग टीम करौली गांव पहुंची थी, जहां उन्हें बंधक बनाकर पीटा गया। चीता ट्रैकिंग टीम के साथ अभद्रता का मामला पहले भी सामने आ चुका है। 2023 में मप्र के शिवपुरी जिले के बुराखेड़ा में चीता आशा को ट्रैक कर रही टीम को ग्रामीणों ने डकैत समझकर पीटा था और हवाई फायरिंग की थी।
चीतों की आदत में कूनो की सीमा पार करना शामिल है। वह अक्सर कूनो की सरहद लांघ कर लंबी दूरी तय करते हैं। इस दौरान पालतू मवेशी का शिकार करने पर चीतों और ग्रामीणों में द्वंद्व की आशंका बनी रहती है।