कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, नामीबियाई चीता गौरव ने तोड़ा दम
कूनो नेशनल पार्क में सोमवार शाम एक और चीते की मौत हो गई। 10 वर्ष से अधिक आयु के नामीबियाई चीते गौरव ने करीब शाम चार बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 07:23:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 07:24:08 PM (IST)
फाइल फोटो।HighLights
- मांसपेशियां कमजोर हो चुकी थीं, गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति थी
- उपचार के दौरान सोमवार शाम करीब चार बजे उसकी सांसें थम गईं
- गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब चीतों की संख्या 51
नईदुनिया न्यूज़, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में सोमवार शाम एक और चीते की मौत हो गई। 10 वर्ष से अधिक आयु के नामीबियाई चीते गौरव ने करीब शाम चार बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसे 12 सितंबर को जंगल में बेहद कमजोर और सुस्त अवस्था में देखा गया था।
वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पालपुर पहुंचाया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। रेस्क्यू के बाद हुई चिकित्सकीय जांच में गौरव की हालत काफी चिंताजनक मिली।
मांसपेशियां कमजोर हो चुकी थीं, गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति थी
चीता गौरव के शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो चुकी थीं और गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति थी। चिकित्सकों ने तत्काल जरूरी दवाएं देने के साथ सपोर्टिव केयर शुरू की। इसके बाद उसे क्वारंटीन बोमा (क्यूबी) में रखा गया, ताकि स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करते हुए आगे का उपचार किया जा सके।
सोमवार शाम करीब चार बजे उसकी सांसें थम गईं
प्रारंभिक क्लिनिकल जांच में गौरव के किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित होने की आशंका जताई गई थी। उपचार के बावजूद उसकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। लगातार कमजोर होती स्थिति के बीच सोमवार शाम करीब चार बजे उसकी सांसें थम गईं।
वन विभाग के अनुसार, गौरव की मृत्यु का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम के साथ शरीर से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की पुष्टि हो सकेगी।
कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते
गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 51 रह गई है। इनमें भारत में जन्मे 36 चीते शामिल हैं। वर्तमान में 16 चीते खुले जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। शेष चीतों की निगरानी और प्रबंधन निर्धारित व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।
वहीं गांधी सागर सैंक्चुअरी में मौजूद चार चीतों को शामिल करने पर देश में इनकी कुल संख्या अब 55 हो गई है। कूनो में गौरव की मौत ने एक बार फिर चीता संरक्षण के साथ वन्यजीवों की स्वास्थ्य निगरानी और चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है।