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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कूनो की जंगल में बढ़ गया चीतों का कुनबा, चार शावकों के साथ गामिनी को छोड़ा

कूनो में चीता गामिनी और उसके शावकों को बाड़े से मुक्त कर मध्यप्रदेश की धरती पर स्वछंद विचरण के लिए छोड़ा गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल जैव विविधता संरक्...और पढ़ें

By Suresh VaishnavEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 17 Mar 2025 05:54:18 PM (IST)Updated Date: Tue, 18 Mar 2025 12:18:07 AM (IST)
कूनो की जंगल में बढ़ गया चीतों का कुनबा, चार शावकों के साथ गामिनी को छोड़ा
शावकों के साथ चीता गामिनी।

HighLights

  1. खुले जंगल में चीतों की संख्या बढ़कर 17 हो गई।
  2. पर्यटकों को आसानी से होंगा चीतों का दीदार।
  3. सीएम बोले-यह दिन चीता प्रोजेक्ट के लिए खास।

नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो के खुले जंगल में चीतों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी और उसके 4 शावकों को खुले जंगल में छोड़ा गया। जिससे खुले जंगल में चीतों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। अब बाड़े से ज्यादा चीते खुले जंगल में हो गए हैं, इसलिए सफारी के दौरान पर्यटकों को चीतों के दीदार आसानी से होंगे। इससे पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स एकाउंट पर पोस्ट शेयर कर कहा कि आज का दिन चीता प्रोजेक्ट के लिए उल्लेखनीय दिन है।

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  • बता दें कि, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने 10 मार्च 2024 को छह शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों की मौत हो गई। तब से गामिनी और उसके चार शावक बाडे में बंद थे।

  • सोमवार को कूनो प्रबंधन ने गामिनी और उसके चार शावकों जिनमें 2 नर और 2 मादा हैं, इनकी उम्र 12 महीने है।
  • सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मां और चारों शावक स्वस्थ हैं। खजूरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन ज़ोन का हिस्सा है।
  • अब पर्यटन क्षेत्र में चीतों की उपस्थिति के कारण पर्यटकों को सफारी यात्रा के दौरान चीता देखने का अवसर मिल सकता है।
  • वन विभाग ने गामिनी और उसके शावकों को कालर आईडी पहनाई इससे खुले जंगल में उनकी निगरानी की जा सकेगी।
  • naidunia_image

    पर्यटक यहां से देख सकते हैं चीतों को

    • टिकटोली गेट से प्रवेश करने के बाद, पर्यटक चीतों का करीब से दीदार कर सकते हैं। क्याेंकि ज्वाला और उसके उसके शावक, आशा, धीरा और आशा के शावकों को खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया था।
    • ये वन क्षेत्र टिकटोली गेट के नजदकी हैं। सिर्फ अग्नि और वायु को पीपलवाड़ी गेट पर छोड़ा गया है।
    • अब गामिनी और उसके शावकों को भी इसी क्षेत्र में छोड़ा गया है अधिक चीते इस एरिये में ही घूम रहे हैं।
    • इसलिए पर्यवकों को चीते आसानी से दिखाई दे सकते हैं। अभी जिन पर्यटकों को चीते दिखे हैं वह क्षेत्र में दिखाई दिए हैं।
    • टिकटोली इलाके में वन्यजीव, नदी, झरने और आकर्षक नज़ारे हैं, इसलिए पर्यटक भी इधर घूमना ज्यादा पंसद करते हैं।

    खुले जंगल में फर्राटा भरेगा रफ्तार का राजा...

    मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए एक और गौरव का क्षण आया है; आज कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को बड़े बाड़े से सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल खजूरी वन क्षेत्र में रिलीज किया गया है। कूनो के जंगल… pic.twitter.com/q2gseIgyZq

    — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 17, 2025

    अब खुले जंगल में आजाद घूम रहे 17 चीता

    4 दिसंबर 2024 को अग्नी और वायु और खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके बाद 5 फरवरी को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने आशा, धीरा और आशा के तीन शावकों को खुले में छोड़ा था। 21 फरवरी को ज्वाला और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। वहीं 17 मार्च 2025 को मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को खुलेे जंगल में छोड़ा गया है जिसमें दो नर और मादा है। अब खुले जंगल में 6 व्यस्क और 11 शावक कुल 17 चीते आजाद घूम रहे हैं। कूनो नेशनल पार्क में कुल 26 चीते हैं, जिसमें से 17 खुले में घूम रहे हैं। बाकी शेष 09 चीते अभी कूनो नेशनल पार्क के बड़े बाड़ों में मौजूद हैं।

    कूनो नेशनल पार्क में तीन गेट

    कूनो नेशनल पार्क में तीन गेट हैं। सेसईपुरा टिकटोली गेट कूनो पार्क में जाने के लिए मुख्य गेट हैं। अक्टूबर में पर्यटकों के के लिए तीनों गेट खोले गए थे तब से ये खुले हुए हैं। टिकटोली प्रवेश द्वार पर ससईपुरा गांव से आसान पहुंचना आसान है। अहेरा गेट से पहुंचने के लिए पोहरी गांव से पहुंचना आसानहैं। पीपल बावड़ी तीसरा गेट है। इस गेट से प्रवेश के लिए आगरा गांव से पहुंच सकते हैं।

    खुले जंगल में फर्राटा भरेगा रफ्तार का राजा...

    मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए एक और गौरव का क्षण आया है; आज कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को बड़े बाड़े से सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल खजूरी वन क्षेत्र में रिलीज किया गया है। कूनो के जंगल… pic.twitter.com/q2gseIgyZq

    — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 17, 2025

    ऐसे घूम सकते हैं कूनो पार्क में

    • वर्तमान कूनो नेशनल पार्क में पर्यटक तीनों से गेटों से प्रवेश कर सकते हैं।
    • आने वाले पर्यटक सुबह 6:30 से 10:00 के मध्य उद्यान में भ्रमण कर सकते है।
    • सुबह 7:30 के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
    • शाम के लिए दोपहर 3:00 से 6 बजे के मध्य कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भ्रमण कर सकते हैं।
    • शाम 4:00 बजे के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बुधवार को कूनो में अवकाश रहता है।
    • जिप्सी वाहन जिसमें छह लोग (ड्राइवर और गाइड सहित) बैठ सकते हैं, उसका किराया 750 रुपये है।
    • यदि छह से अधिक लोग हैं, तो प्रति व्यक्ति 150 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
    • गाइड का शुल्क 360 रुपये है और यह निजी वाहनों पर लागू होता है।
    • फिलहाल, निजी वाहनों को भी पार्क के अंदर जाने की अनुमति है।

    इन चीतों को कब छोड़ा गया

    • 04 दिसंबर 2024 को अग्नी, वायु
    • 05 फरवरी 2025 को धीरा, आशा और उसके तीन शावक
    • 21 फरवरी 2025 को ज्वाला और उसके चार शावक
    • 17 मार्च 2025 को गामिनी और उसके चार शावक

    मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोड़ा। सभी चीते स्वस्थ हैं और जंगल में अच्छा कर रहे हैं। गामिनी उसके शावक अन्य चीते की तरह शिकार करना सिखेंगे।

    उत्तम कुमार शर्मा, निदेशक, सिंह परियोजना