
नईदुनिया न्यूज़, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में चार साल के दौरान विकसित चीता प्रबंधन का अनुभव अब देश में नई आबादी बसाने की नींव बनेगा। दो नर चीतों को सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पहुंचाने के बाद अब गुजरात के बन्नी अभ्यारण को चीतों का चौथा घर बनाने की तैयारी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल केवल दो वन्यजीवों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं, बल्कि संरक्षण की तकनीक, उपचार कौशल और मैदानी अनुभव को दूसरे जंगलों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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कर्मचारी कूनों में ले रहे प्रशिक्षण
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो की टीम यहां के 60 से अधिक वनकर्मियों और पशु चिकित्सकों को बचाव, उपचार, व्यवहार निगरानी तथा आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दे चुकी है। शुरुआती महीनों में चीतों को स्थानीय वातावरण के अनुकूल होने का अवसर मिलेगा। गुजरात के बन्नी घास मैदान में प्रस्तावित केंद्र के कर्मचारी कूनो में प्रशिक्षण ले रहे हैं।